स्मार्ट सिटी के दावों पर सवाल, सीर गोवर्धनपुर में जानलेवा गड्ढे, नागरिकों ने गड्ढे में उतरकर किया प्रदर्शन
वाराणसी। स्मार्ट सिटी वाराणसी की विकास योजनाओं के बीच सीर गोवर्धनपुर वार्ड संख्या-23 में सड़क किनारे बने गहरे और जलभराव से भरे गड्ढे स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन गए हैं। संत रविदास मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर मौजूद इन गड्ढों से आए दिन हादसे की आशंका बनी रहती है। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान न होने से नाराज क्षेत्रीय लोगों ने मंगलवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन करते हुए जलभराव वाले गड्ढों में उतरकर प्रशासन और नगर निगम के खिलाफ अपना आक्रोश जताया।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क से सटे आधा दर्जन से अधिक गहरे गड्ढे कई महीनों से खुले पड़े हैं। बरसात के दौरान इनमें पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे पैदल राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 29 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वाराणसी दौरे से पहले नगर निगम ने आनन-फानन में गड्ढों के चारों ओर बांस-बल्ली और हरे पर्दे लगाकर सुरक्षा घेरा बना दिया था। उस समय स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से अनुरोध किया था कि जब तक सड़क की मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक सुरक्षा बैरिकेडिंग को हटाया न जाए। लेकिन मुख्यमंत्री के दौरे के अगले ही दिन यह सुरक्षा व्यवस्था हटा दी गई और गड्ढे फिर से खुले छोड़ दिए गए। इसके बाद बारिश होने से उनमें दोबारा जलभराव हो गया और खतरा पहले से अधिक बढ़ गया।
समस्या के विरोध में बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के महानगर अध्यक्ष अमन यादव के नेतृत्व में क्षेत्रीय नागरिक जलभराव वाले गड्ढों में उतर गए। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने "स्मार्ट सिटी या मौत का गड्ढा" जैसे नारे लगाए और कहा कि प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। उनका कहना था कि यदि समय रहते इन गड्ढों को सुरक्षित नहीं किया गया तो किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह मार्ग संत रविदास मंदिर की ओर जाने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां प्रतिदिन हजारों स्थानीय लोग, श्रद्धालु और पर्यटक आते-जाते हैं। ऐसे में सड़क किनारे खुले गहरे गड्ढे न केवल स्थानीय नागरिकों बल्कि बाहर से आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बने हुए हैं। क्षेत्रीय लोगों ने नगर निगम और प्रशासन से मांग की कि गड्ढों के चारों ओर तत्काल मजबूत बैरिकेडिंग कराई जाए, जलभराव की समस्या का समाधान किया जाए तथा सड़क की स्थायी मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा और भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी संबंधित विभागों और अधिकारियों की होगी। विरोध प्रदर्शन में लाल बहादुर यादव, बाबूलाल, चंदन सोनकर, गोलू यादव, चंचल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल रहे।

