काशी विश्वनाथ धाम में पर्यावरण का संकल्प, “पॉलिथीन मुक्त बनाएं काशी” अभियान से गूंजा परिसर

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। काशी विश्वनाथ धाम में सोमवार को भक्ति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश जोर-शोर से गूंजा। नमामि गंगे के तत्वावधान में आयोजित विशेष जनजागरुकता अभियान के तहत हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सिंगल यूज पॉलिथीन का उपयोग बंद करने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान कपड़े के झोलों का वितरण कर लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया गया।

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने श्रद्धालुओं के साथ मिलकर धाम परिसर में एक जागरूकता पदयात्रा निकाली, जिसमें “स्वच्छता अपनाओ, बीमारी भगाओ” और “पॉलिथीन हटाओ, पर्यावरण बचाओ” जैसे नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।

123

इस अवसर पर राजेश शुक्ला ने कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कूड़ा-कचरा इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित कूड़ेदानों का उपयोग करें और अपने आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा रखें। उन्होंने यह भी बताया कि सिंगल यूज पॉलिथीन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान नमामि गंगे टीम ने विशेष रूप से पॉलिथीन के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला और इसके पूर्ण बहिष्कार की अपील की। साथ ही, जीवनदायिनी नदियों, विशेषकर गंगा नदी को स्वच्छ बनाए रखने और उनके तटों पर साफ-सफाई बनाए रखने का आह्वान किया गया।

123

इस आयोजन में श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। देश-विदेश से आए पर्यटकों ने भी इस पहल की सराहना की और स्वच्छता के संदेश को अपनाने का संकल्प लिया। पूरे परिसर में लोगों ने कपड़े के झोले लेकर जागरूकता का संदेश फैलाया, जिससे अभियान को व्यापक समर्थन मिला।

यह कार्यक्रम न केवल काशी की आध्यात्मिक पहचान को और सशक्त करता है, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को भी मजबूती प्रदान करता है। बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि यदि सामूहिक प्रयास हो, तो स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त वातावरण का सपना साकार किया जा सकता है।

Share this story