बीएचयू में बच्चे पर कुत्ते के हमले का मामला, एबीवीपी ने सौंपा पत्रक, 48 घंटे में कार्रवाई की मांग की
वाराणसी। बीएचयू परिसर में बच्चे पर कुत्ते के हमले की घटना को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। अभाविप की काशी हिंदू विश्वविद्यालय इकाई ने घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। परिषद की ओर से 17 अगस्त को छात्र अधिष्ठाता और कुलसचिव को लिखित मांगपत्र सौंपा गया।
अभाविप का कहना है कि परिसर में आवारा और बिना वैक्सीनेशन वाले कुत्तों की मौजूदगी विद्यार्थियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। बच्चे पर हमले की घटना ने स्थिति की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। परिषद ने प्रशासन से कुत्तों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
परिषद ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें परिसर में मौजूद आवारा एवं पालतू कुत्तों का अनिवार्य वैक्सीनेशन, उनकी पहचान और निगरानी के लिए रेडियो या आरएफआईडी युक्त कॉलर-पट्टा लगाने की व्यवस्था तथा घटना के संदर्भ में प्रो. श्रद्धा सिंह के आवास को तत्काल खाली कराने के साथ उचित कार्रवाई शामिल है।
अभाविप काशी हिंदू विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा विश्वविद्यालय प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इकाई सहमंत्री राघवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशासन को 48 घंटे में आवश्यक कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अभाविप आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगी। परिषद ने प्रशासन से मामले में शीघ्र निर्णय लेने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

