चार देशों के भक्त काशी में मनाएंगे जन्माष्टमी, 21 महिलाएं करेंगी श्रीमद्भागवत पाठ
वैष्णव और गृहस्थ जन एक साथ मनाएंगे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, होगा तीन दिवसीय आयोजन
वाराणसी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर काशी में इस बार देश-विदेश से श्रद्धालुओं का जुटान होगा। चार देशों और 10 राज्यों से भक्त भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने काशी पहुंचेंगे। इनमें अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और स्विट्जरलैंड से आए श्रद्धालु भी शामिल हैं। शहर के विभिन्न मंदिरों में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
गोपाल मंदिर में बुधवार से श्रीकृष्ण उत्सव का शुभारंभ होगा। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा शहर में छह दिवसीय श्रीकृष्ण उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान राम मंदिर दुर्गाकुंड में तीन दिवसीय आयोजन होगा। मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
21 महिलाएं करेंगी श्रीमद्भागवत पाठ
शहर के इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष आयोजन किया जाएगा। यहां 21 महिलाएं श्रीमद्भागवत का पाठ करेंगी। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद महाआरती एवं अभिषेक का आयोजन होगा। मंदिर परिसर में भक्तों के लिए प्रसाद की भी व्यवस्था की जाएगी।
वहीं राधा गोविंद देव मंदिर में भी जन्माष्टमी पर विशेष श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर प्रबंधन के अनुसार इस बार भगवान को आकर्षक पोशाक और आभूषणों से सजाया जाएगा। इसके साथ ही धार्मिक अनुष्ठान और भजन-कीर्तन होंगे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विभिन्न धार्मिक संस्थाओं की ओर से भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। तीन दिवसीय श्रीकृष्ण प्राकट्य महोत्सव की शुरुआत गुरुवार से होगी। इसमें वैदिक एवं सांस्कृतिक नृत्य नाटिका का आयोजन भी किया जाएगा।
मंदिरों में जन्माष्टमी की तैयारियों के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। जन्मोत्सव के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इस बार काशी में जन्माष्टमी धार्मिक आस्था के साथ देश-विदेश के श्रद्धालुओं के मिलन का भी अवसर बनेगी। विभिन्न मंदिरों में होने वाले आयोजनों से शहर का वातावरण कृष्ण भक्ति से सराबोर रहेगा।

