वाराणसी कैंट को पूर्वोत्तर रेलवे में शामिल करने की मांग, रेल मंत्री को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उद्घाटन कार्यक्रम के अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर वाराणसी कैंट स्टेशन को पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) के वाराणसी मंडल में शामिल करने की मांग उठाई। इसके साथ ही रेल कर्मचारियों और उनके परिवारों की सामाजिक एवं बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा पांच सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ के पूर्व मंडल अध्यक्ष सर्वेश पाण्डेय ने किया। भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री विकास केशरी भी मौजूद रहे।
संघ की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान में वाराणसी कैंट स्टेशन उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के अधीन संचालित है, जबकि पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक का कार्यालय भी वाराणसी में ही स्थित है। संघ का तर्क है कि भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टि से वाराणसी कैंट को पूर्वोत्तर रेलवे में शामिल करने से स्टेशन की निगरानी और व्यवस्था बेहतर हो सकेगी। इससे यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने, स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान और रेल कर्मचारियों की शिकायतों के निस्तारण में भी सहूलियत मिलेगी।
कर्मचारियों की सुविधाओं के लिए पांच मांगें
प्रतिनिधिमंडल ने रेलकर्मियों और उनके परिवारों के सामाजिक जीवन को बेहतर बनाने के लिए पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें बच्चों के शादी-विवाह और मांगलिक आयोजनों के लिए कमरों, बड़े हॉल, कैटरिंग और पार्किंग की सुविधा से युक्त सर्वसुविधायुक्त बारात घर का निर्माण शामिल है। इसके अलावा सामाजिक बैठकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और बच्चों की गतिविधियों के लिए आधुनिक कम्युनिटी हॉल बनाने की मांग की गई।
रेल परिसर में रहने वाले परिवारों की धार्मिक आस्था को देखते हुए सुरक्षित और पक्के छठ पूजा सरोवर के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया। संघ ने रेल कर्मचारियों और उनके बच्चों की खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक खेल स्टेडियम विकसित करने की मांग की। वहीं, रेलवे कॉलोनियों में जर्जर सड़कों की मरम्मत, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, पार्कों का सुंदरीकरण और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया।
निजी आयोजनों पर आर्थिक बोझ का उठाया मुद्दा
सर्वेश पाण्डेय और विकास केशरी ने रेल मंत्री को बताया कि बारात घर, कम्युनिटी हॉल और खेल मैदान जैसी सुविधाएं नहीं होने से कर्मचारियों को निजी स्थानों पर आयोजन करने के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। संघ के अनुसार, रेल मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और इन प्रस्तावों पर सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया। मुलाकात के दौरान बिरजू सिंह, संदीप तिवारी, रंजीत कुमार, विनोद कुमार और अच्छैवर नाथ सहित कई कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। संघ ने उम्मीद जताई कि मांगों पर कार्रवाई होने से वाराणसी मंडल के रेल कर्मचारियों और उनके परिवारों को लाभ मिलेगा।

