बधिर समुदाय ने मानवाधिकार और नशामुक्ति का लिया संकल्प, अंतरराष्ट्रीय बधिर जन सप्ताह पर VDAD का आयोजन

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वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय बधिर जन सप्ताह 2026 के अवसर पर वाराणसी डिविजन एसोसिएशन ऑफ द डेफ (VDAD) की ओर से रविवार को रवींद्रपुरी स्थित आचार्य रामचंद्र शुक्ला संस्थान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें वाराणसी डिविजन समेत आसपास के जिलों से 200 से अधिक बधिर प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में बधिर लोगों के मानवाधिकार, समानता, सुगम्यता और सशक्तिकरण के साथ भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL), शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘बधिर लोगों के मानवाधिकारों की घोषणा’ रहा। प्रतिभागियों ने बधिर समुदाय के अधिकारों की रक्षा, सार्वजनिक सेवाओं को सुगम बनाने और समाज में समान एवं सम्मानजनक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही बधिर नेतृत्व को बढ़ावा देने और जिला व डिविजन स्तर पर संगठनों को मजबूत करने की आवश्यकता भी बताई गई।

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कार्यक्रम में NCCDR, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सदस्य एवं काशियाना फाउंडेशन के संस्थापक सुमीत अंकुर सिंह, ऑल उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ द डेफ के उपाध्यक्ष अदनान खान और CRC वाराणसी के निदेशक डॉ. आशीष झा ने सहभागिता की। विशिष्ट अतिथियों में नेशनल एसोसिएशन ऑफ द डेफ (NAD) के संयुक्त सचिव एवं VDFC के महासचिव नागेंद्र तिवारी, गंगा डेफ स्पोर्ट्स फाउंडेशन के संयुक्त सचिव विकास त्रिपाठी तथा वाराणसी एसोसिएशन ऑफ क्रिकेट ऑफ द डेफ के महासचिव शिवम जायसवाल शामिल रहे। समाज कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार से आर.पी. सिंह ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

नशामुक्ति की ली सामूहिक शपथ
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘विकसित भारत 2047’ के समर्थन में आयोजित नशामुक्ति शपथ रही। सुमीत अंकुर सिंह के नेतृत्व में 200 से अधिक बधिर प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से नशे से दूर रहने और इसके दुष्प्रभावों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने स्वस्थ, जिम्मेदार और सशक्त समाज के निर्माण में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।

VDAD अध्यक्ष विपिन कुमार वर्मा ने अतिथियों, प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने बधिर समुदाय के लिए संगठन की ओर से किए जा रहे कार्यों और भारतीय सांकेतिक भाषा, सुगम्यता, मानवाधिकार तथा सशक्तिकरण की दिशा में प्रयासों की जानकारी दी।


इस दौरान बधिर समुदाय की ओर से जागरूकता मार्च भी निकाला गया। मार्च में मानवाधिकार, समानता, सुगम्यता और भारतीय सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देने के संदेश दिए गए। कार्यक्रम के अंत में VDAD ने बधिर समुदाय के अधिकारों, सामाजिक विकास और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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