डीडीयू कौशल केंद्र में उद्यमिता पर प्रेरक व्याख्यान, छात्रों को दिए सफलता के व्यावहारिक मंत्र
वाराणसी। बीएचयू के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर (आरजीएससी), बरकच्छा स्थित दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र में “सफल उद्यमी कैसे बनें: युक्तियाँ और विचार” विषय पर एक प्रेरणादायक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को उद्यमिता के क्षेत्र में सफलता के लिए आवश्यक कौशल, दृष्टिकोण और व्यवहारिक समझ प्रदान करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर आचार्य प्रभारी प्रोफेसर बी. एम. एन. कुमार, मुख्य अतिथि एवं विख्यात उद्यमी अशोक तिवारी तथा प्रेरक वक्ता कृष्णकांत उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन डीडीयू कौशल केंद्र के समन्वयक डॉ. आर. एस. मिश्रा द्वारा किया गया।
मुख्य वक्ता अशोक तिवारी, जो वर्तमान में टोरंटो (कनाडा) में एक सफल उद्यमी के रूप में कार्यरत हैं, ने अपने जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए छात्रों को उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उनका कार्यक्षेत्र वित्त, आतिथ्य, रियल एस्टेट और फार्मास्यूटिकल्स जैसे विविध क्षेत्रों में फैला हुआ है। वे एस्कॉट पार्क इवेंट लिमिटेड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के साथ-साथ प्लेक्सस डेवलपमेंट ग्रुप और प्लेक्सस इंफ्रास्ट्रक्चर के चेयरमैन भी हैं।
उन्होंने कहा कि एक सफल उद्यमी बनने के लिए कोई एक निश्चित फॉर्मूला नहीं होता, बल्कि यह सही सोच, निरंतर मेहनत और प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम होता है। उन्होंने छात्रों को सुझाव दिया कि वे किसी भी व्यवसाय की शुरुआत से पहले वास्तविक समस्या की पहचान करें और उसका समाधान खोजने पर ध्यान दें। साथ ही, उन्होंने “न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद” (Minimum Viable Product) के साथ शुरुआत करने की सलाह दी, ताकि जोखिम कम हो और अनुभव के आधार पर सुधार किया जा सके।
अशोक तिवारी ने असफलताओं को सफलता की सीढ़ी बताते हुए कहा कि हर असफलता एक सीख होती है, जो आगे बढ़ने में मदद करती है। उन्होंने छात्रों को सकारात्मक सोच, मजबूत मानसिकता और सीमाओं से परे सोचने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी जोर दिया कि लगातार सीखते रहना और अपने कौशल को विकसित करना उद्यमिता में सफलता की कुंजी है।
यह व्याख्यान छात्रों के लिए बेहद ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ। कार्यक्रम ने उन्हें नवाचार के साथ सोचने, आत्मविश्वास बढ़ाने और भविष्य में उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसरों को तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर केंद्र के सभी शिक्षक, गैर-शैक्षिक कर्मचारी उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम का सफल संचालन गोल्डी कुमारी द्वारा किया गया।

