बीएचयू में संविदा कर्मियों का आंदोलन तेज, अजय राय ने दिया समर्थन, बोले-कर्मचारियों की समस्या का हो समाधान 

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वाराणसी। बीएचयू के मधुबन पार्क में पिछले 15 दिनों से दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मियों का धरना लगातार जारी है। अपनी विभिन्न मांगों, खासकर नियमितीकरण को लेकर कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बावजूद कर्मचारी खुले आसमान के नीचे डटे हुए हैं, जिसके चलते कई लोगों की तबीयत भी खराब हो चुकी है। इसी बीच बुधवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने धरनास्थल पहुंचकर कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की सभी समस्याओं का समाधान किया जाए। 

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कर्मचारियों का कहना रहा कि उन्हें वर्षों से केवल आश्वासन ही मिल रहा है, जबकि कई कर्मचारी 30 से 35 साल से विश्वविद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें स्थायी नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि एक तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन कनिष्ठ लिपिक पद के लिए नई परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है, वहीं लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है।

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कर्मचारियों ने बताया कि इस समय तापमान 44-45 डिग्री तक पहुंच चुका है, फिर भी वे मजबूरी में धरना देने को विवश हैं। उनका कहना है कि कई बार कुलपति से मिलकर अपनी समस्याएं रखी गईं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। धरने के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी मधुबन पार्क में जुटे, जहां उनसे मिलने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनका ज्ञापन स्वीकार किया। इस दौरान कई महिला कर्मचारियों ने अपनी आर्थिक तंगी और पारिवारिक परेशानियों को साझा करते हुए भावुक होकर अपनी बात रखी।

महिला कर्मचारियों ने बताया कि एक दिन काम पर न आने पर दो दिन का वेतन काट लिया जाता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो जाती है। सीमित आय में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है और बच्चों की शादी जैसे जरूरी कामों के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। अजय राय ने कहा कि ये सभी कर्मचारी काशी के निवासी हैं और वर्षों से विश्वविद्यालय को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में आता है, इसलिए उनकी जिम्मेदारी बनती है कि इन कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि 28 तारीख को प्रधानमंत्री के संभावित दौरे से पहले कर्मचारियों की मांगों का समाधान किया जाना चाहिए। अन्यथा वह खुद कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठेंगे। अजय राय ने सरकार से मांग की कि जब तक वर्तमान कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं होता, तब तक नई भर्तियों और परीक्षाओं पर रोक लगाई जाए। कर्मचारियों ने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास में अहम योगदान दिया है और अब उन्हें स्थायी रोजगार और सम्मानजनक जीवन का अधिकार मिलना चाहिए।

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