नाविकों ने मंत्री के सामने उठाई लाइसेंस और गोताखोरों की नियुक्ति की मांग, रिवर-डे पर दशाश्वमेध घाट में संवाद

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। रिवर-डे के अवसर पर वाराणसी पहुंचे केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने दशाश्वमेध घाट पर नाविक, मछुआरा और निषाद समाज के लोगों से संवाद किया। मां गंगा की गोद में आयोजित कार्यक्रम में नाविकों ने रोजगार, नाव संचालन, लाइसेंस और जल पुलिस से जुड़ी समस्याएं मंत्री के सामने रखीं। मंत्री ने समस्याओं को सुनकर संबंधित स्तर पर समाधान का भरोसा दिलाया।

नाविक समाज के प्रतिनिधियों ने गंगा में होने वाली दुर्घटनाओं के दौरान तत्काल राहत और बचाव के लिए जल पुलिस में गोताखोरों की नियुक्ति की मांग की। साथ ही मोटर बोट और नाव संचालन के लाइसेंस की प्रक्रिया सरल करने तथा नगर निगम की ओर से नावों के लाइसेंस तत्काल जारी करने की मांग उठाई।

123

वाटर टैक्सी की ठेकेदारी खत्म करने की मांग
नाविकों ने काशी के सभी घाटों से वाटर टैक्सी की ठेकेदारी समाप्त करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि इससे पारंपरिक नाविकों की आजीविका प्रभावित हो रही है। प्रतिनिधियों ने कहा कि निषाद समाज पीढ़ियों से नदियों पर नौकायन से जुड़ा रहा है और गंगा से उनकी आजीविका का सीधा संबंध है।

मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि नाविक समाज ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखी हैं। लाइसेंस के साथ तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतों की जानकारी भी दी गई है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का समाधान प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर संभव है, उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

123

प्रदूषण घटाने में हाइड्रोजन नाव पर जोर
गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हाइड्रोजन आधारित नावों के इस्तेमाल को मंत्री ने समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए नई तकनीक को अपनाना जरूरी है। हाइड्रोजन आधारित नावें भविष्य में गंगा में प्रदूषण कम करने की दिशा में उपयोगी साबित हो सकती हैं। उपलब्धता बढ़ने के साथ इस तकनीक के विस्तार की संभावना पर भी उन्होंने जोर दिया।

बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर
मंत्री ने नाविक समाज के बच्चों की शिक्षा को सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने अपील की, “एक रोटी कम खाइए, लेकिन अपने बच्चे को जरूर पढ़ाइए और बड़ा सपना देखिए।” अपने जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि साधारण परिवार से आने के बावजूद माता-पिता के सपने और शिक्षा के कारण उन्होंने एमबीबीएस व एमडी की पढ़ाई की और आगे सार्वजनिक जीवन में आए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और बड़े सपनों के जरिए समाज की अगली पीढ़ी नए अवसर हासिल कर सकती है।

Share this story