गोदौलिया पर नगर निगम द्वारा स्थापित शौचालय से सड़क पर हो रहा अतिक्रमण, भाजपा नेता ने दर्ज कराई शिकायत

उन्होंने बताया कि यह शौचालय नगर निगम द्वारा स्थापित किया गया है, लेकिन इसके संचालक द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
नगर निगम में दर्ज शिकायत के अनुसार, शौचालय संचालक 200 से 300 रुपये लेकर वहां लगे पौधों, गमलों और अन्य सुंदरता बढ़ाने वाली वस्तुओं को हटवा रहे हैं। इनकी जगह पर अवैध रूप से दुकानें लगवाई जा रही हैं, जिससे न सिर्फ शहर की स्वच्छता प्रभावित हो रही है, बल्कि "ग्रीन काशी, स्वच्छ काशी" अभियान को भी नुकसान पहुंच रहा है।
भाजपा नेता मुन्ना लाल यादव ने कहा कि वाराणसी देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। गंगा तट पर स्थित यह प्राचीन शहर अपनी पवित्रता और धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन इस तरह के अतिक्रमण और अस्वच्छता की वजह से काशी की छवि धूमिल हो रही है। मुन्ना लाल यादव का कहना है कि उन्होंने जब शौचालय संचालक को इस अवैध गतिविधि को रोकने के लिए कहा, तो उसने जवाब दिया कि "यह सब कुछ मेरा है, हम जो चाहेंगे, करेंगे।"
नगर निगम से की कार्रवाई की मांग
इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने नगर निगम प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि वहां पहले की तरह हरियाली बनाए रखी जाए और अवैध रूप से लगाए गए दुकानों को हटाया जाए। इसके साथ ही शौचालय संचालक की जांच कर उचित दंडात्मक कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई है।
"ग्रीन काशी, स्वच्छ काशी" अभियान को नुकसान
कहा कि नगर निगम के कर्मचारी दिन-रात मेहनत करके सफाई व्यवस्था को बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। शहर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए सरकार और प्रशासन लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इस तरह के अवैध अतिक्रमण न केवल इस पहल को कमजोर कर रहे हैं, बल्कि शहर की छवि भी खराब कर रहे हैं।