वाराणसी के बीरभद्र सिंह को अमेरिका की प्रतिष्ठित रिसर्च फेलोशिप, महत्वपूर्ण विषयों पर करेंगे शोध
वाराणसी। सामाजिक विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में सक्रिय युवा समाजसेवी तथा दिवि वेलफेयर फाउंडेशन के संस्थापक बीर भद्र सिंह को एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि हासिल हुई है। उनका चयन अमेरिका स्थित इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ बिजनेस (आईएबी) की प्रतिष्ठित रिसर्च फेलोशिप के लिए किया गया है। इस चयन को सामाजिक सरोकारों और शोध के क्षेत्र में उनके कार्यों की वैश्विक स्तर पर मिली मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।

फेलोशिप के अंतर्गत बीर भद्र सिंह “भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में सामाजिक समानता, शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण की नीतियों का तुलनात्मक विश्लेषण” विषय पर शोध कार्य करेंगे। इस अध्ययन में दोनों देशों की सामाजिक नीतियों, सरकारी योजनाओं और उनके प्रभावों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही समावेशी विकास और सामाजिक न्याय को मजबूत बनाने के लिए उपयोगी सुझाव भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
बीर भद्र सिंह ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह शोध सामाजिक समानता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित होगा। उनका मानना है कि भारत और अमेरिका के अनुभवों का तुलनात्मक अध्ययन नीति निर्माण और सामाजिक सुधार की दिशा में नए दृष्टिकोण प्रदान कर सकता है।
दिवि वेलफेयर फाउंडेशन के माध्यम से बीर भद्र सिंह शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवा नेतृत्व विकास और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहे हैं। संस्था की प्रमुख पहलें ‘अपनी पाठशाला’, ‘दिवि पॉलिसी फोरम’, ‘प्रोजेक्ट उत्थान’ और ‘प्रोजेक्ट शक्ति’ समाज के विभिन्न वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्यरत हैं।
बीर भद्र सिंह इससे पूर्व अमेरिका के लिविंगस्टोन कॉलेज और हॉवर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में “भारत में स्लम शिक्षा” विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं। उनकी इस उपलब्धि पर शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

