IIT-BHU में स्टार्टअप्स को बड़ी मजबूती, आठ नवोन्मेषी उद्यमों को मिला सीड फंड सम्मान

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वाराणसी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय), वाराणसी ने नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए स्टार्टअप सीड फंड सम्मान समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम आइडिएशन, इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन (I-3) फाउंडेशन और आईआईटी (बीएचयू) फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें प्रारंभिक चरण के आठ उभरते स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता और सम्मान प्रदान किया गया।

शुरुआती स्टार्टअप्स को मिला आर्थिक संबल
आईआईटी (बीएचयू) फाउंडेशन सीड फंड पहल के तहत आयोजित इस समारोह में आठ स्टार्टअप्स को सम्मानित किया गया, जिनमें से छह स्टार्टअप्स को 30,000 अमेरिकी डॉलर की सीड फंडिंग प्रदान की गई, जबकि दो स्टार्टअप्स को 10,000 अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता दी गई। इस पहल का उद्देश्य स्टार्टअप्स को उत्पाद विकास, तकनीकी सत्यापन और बाजार में प्रवेश के शुरुआती चरण में आवश्यक सहयोग देना है।

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शिक्षा और उद्योग जगत की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में आईआईटी (बीएचयू) के निदेशक प्रो. अमित पात्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं आईआईटी फाउंडेशन के सीईओ श्री सागर भीमरावरापु विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा डीन (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. राजेश कुमार, डीन (संसाधन एवं पूर्व छात्र) प्रो. हीरालाल प्रामाणिक और प्रो. रजनीश त्यागी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।

संस्थान में विकसित हो रहा मजबूत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र
स्वागत संबोधन में प्रो. मनोज कुमार मेशराम, प्रोफेसर-प्रभारी, उद्यमिता एवं इनक्यूबेशन, आईआईटी (बीएचयू) ने संस्थान द्वारा विकसित संरचित इनक्यूबेशन, मार्गदर्शन और वित्तपोषण व्यवस्था पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आईआईटी (बीएचयू) निरंतर प्रयास कर रहा है कि नवाचार आधारित विचारों को एक मजबूत स्टार्टअप में बदला जा सके।

इनक्यूबेशन और मेंटरशिप की सराहना
विशिष्ट अतिथि सागर भीमरावरापु ने आईआईटी (बीएचयू) में तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां युवा नवोन्मेषकों को सशक्त इनक्यूबेशन और प्रभावी मेंटरशिप ढांचा उपलब्ध कराया जा रहा है, जो उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक है।

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नवाचार को बताया राष्ट्रीय विकास की कुंजी
मुख्य अतिथि प्रो. अमित पात्रा ने अपने संबोधन में कहा कि नवाचार और उद्यमिता राष्ट्रीय विकास के प्रमुख स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि आईआईटी (बीएचयू) स्टार्टअप्स को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि मार्गदर्शन, उद्योग से जुड़ाव और एक मजबूत इनक्यूबेशन पारिस्थितिकी तंत्र भी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी सम्मानित स्टार्टअप्स को बधाई देते हुए समाज के लिए उपयोगी और प्रभावशाली समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन डॉ. अभिषेक सिंह, सीओओ/बिजनेस मैनेजर, आरकेवीवाई-रफ्तार इनक्यूबेटर द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, स्टार्टअप संस्थापकों, शिक्षकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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उद्यमिता की दिशा में मजबूत कदम
कुल मिलाकर, स्टार्टअप सीड फंड सम्मान समारोह ने आईआईटी (बीएचयू) की उस सोच को मजबूती दी, जिसके तहत एक सशक्त, समावेशी और प्रभावशाली स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर नवाचार को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है।

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