पीजी डिप्लोमा की लंबित प्रवेश प्रक्रिया पर BHU छात्रों ने उठाए सवाल, कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन

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सत्र 2025-26 की काउंसलिंग जल्द पूरी करने की मांग, 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया समय से शुरू कराने पर जोर

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) में पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की लंबित प्रवेश और काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की है। छात्र प्रतिनिधियों ने कुलसचिव को ज्ञापन सौंपकर सत्र 2025-26 के लंबित प्रवेश पूरे कराने के साथ आगामी सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से शुरू करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि लगातार हो रही देरी से अभ्यर्थियों में असमंजस है और उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है।

सत्र 2025-26 की काउंसलिंग जल्द पूरी करने की मांग

छात्र प्रतिनिधियों के अनुसार, सत्र 2025-26 के कई पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश और काउंसलिंग की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इससे संबंधित अभ्यर्थियों को यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि प्रवेश की आगे की प्रक्रिया कब और किस तरह पूरी होगी।

पीजी डिप्लोमा की लंबित प्रवेश प्रक्रिया पर BHU छात्रों ने उठाए सवाल, कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन

छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से लंबित काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया तत्काल पूरी कराने की मांग की। साथ ही कहा कि विश्वविद्यालय इस संबंध में आधिकारिक सूचना जारी करे, जिससे विद्यार्थियों को बार-बार अलग-अलग माध्यमों से जानकारी जुटाने की जरूरत न पड़े।

नए सत्र पर न पड़े पुरानी देरी का असर

छात्रों ने सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले सत्र की देरी का असर नए शैक्षणिक सत्र पर नहीं पड़ना चाहिए। विश्वविद्यालय को आवेदन से लेकर काउंसलिंग और प्रवेश तक की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर पूरी करनी चाहिए।

छात्रों का कहना है कि समय से प्रवेश नहीं होने पर विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन को नए सत्र के लिए पहले से स्पष्ट कार्यक्रम जारी करना चाहिए।

BHU से पीजी करने वाले छात्रों को वरीयता देने की मांग

ज्ञापन में एक अन्य प्रमुख मांग बीएचयू से परास्नातक उत्तीर्ण विद्यार्थियों को पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में वरीयता देने की है। छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि नियमित पाठ्यक्रमों की तर्ज पर विश्वविद्यालय के अपने पीजी विद्यार्थियों के लिए भी अवसर और प्राथमिकता का प्रावधान किया जाना चाहिए।

इसके लिए प्रवेश नियमों में जरूरी व्यवस्था करने और सीटों का प्रावधान किए जाने की मांग की गई है। छात्रों ने प्रवेश, काउंसलिंग और सीट आवंटन से जुड़ी सभी सूचनाएं समय पर सार्वजनिक करने पर भी जोर दिया।

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प्रशासन से मिला समाधान का आश्वासन

छात्र प्रतिनिधियों के मुताबिक, ज्ञापन सौंपने के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी समस्याओं और मांगों को सुना। प्रशासन की ओर से मामले का छात्रहित में शीघ्र और सकारात्मक निस्तारण किए जाने का आश्वासन दिया गया है।

छात्रों ने उम्मीद जताई कि सत्र 2025-26 की लंबित प्रवेश प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और नए सत्र की प्रक्रिया भी समय से शुरू की जाएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि निर्धारित समय में समाधान नहीं होने पर आगे आंदोलनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में आशुतोष कुमार शुक्ला, अमन मौर्या, विभांशु, अविनाश, चंदू, अभिषेक और आकाश सिंह समेत अन्य छात्र प्रतिनिधि शामिल रहे।

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