बीएचयू में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, आमरण अनशन का ऐलान
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब और तेज होने जा रहा है। आठ दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्रों ने बुधवार चार नवंबर को दोपहर 12 बजे से आमरण अनशन शुरू करने का निर्णय लिया है। छात्रों का आरोप है कि कुलपति प्रशासन वार्ता से पहले धरना समाप्त करने की शर्त रख रहा है, जिससे आंदोलनकारी छात्र आहत और नाराज हैं।
बीएचयू स्थित छात्रसंघ भवन परिसर में 27 अक्टूबर से छात्र शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे हैं। छात्रों का कहना है कि वे बारिश, ठंड और खुले आसमान के नीचे लगातार अपनी मांग को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी समस्या का समाधान निकालने के बजाय बातचीत के लिए शर्त रख दी है।
छात्र नेताओं सत्यम सिंह और शिवांश सिंह ने बताया कि आठ दिनों तक धरना देने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से वार्ता की पहल की गई, लेकिन इसके साथ शर्त रखी गई कि पहले धरना समाप्त किया जाए, इसके बाद कुलपति से बातचीत कराई जाएगी। छात्रों ने इस शर्त को अनुचित बताते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक बातचीत नहीं होती, वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
छात्र नेताओं ने कहा कि छात्रसंघ बहाली उनकी लोकतांत्रिक मांग है। प्रशासन संवाद का रास्ता अपनाने के बजाय आंदोलन खत्म कराने पर जोर दे रहा है। इसी के विरोध में चार नवंबर से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।

