बीएचयू के शोधार्थियों को मिलेगा ‘प्रो. रामशंकर पुरस्कार’, श्रेष्ठ शोधपत्र पर दिए जाएंगे 25 हजार रुपये
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गणित विषय के शोधार्थियों और युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “प्रो. राम शंकर पुरस्कार” शुरू किए जाने की घोषणा की गई है। यह पुरस्कार भारतीय गणितीय सोसायटी की ओर से वरिष्ठ गणितज्ञ प्रो. राम शंकर के सम्मान में स्थापित किया गया है।
यह पुरस्कार इंटरवल ट्रांसफॉर्म, वितरण सिद्धांत, वेवलेट्स, माइक्रो लोकल विश्लेषण तथा उनसे जुड़े गणितीय क्षेत्रों में उत्कृष्ट शोध कार्य करने वाले शोधार्थियों को प्रदान किया जाएगा। चयनित शोधपत्र के लेखक को प्रशस्ति पत्र के साथ 25 हजार रुपये की नगद राशि दी जाएगी। पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे और प्रत्येक वर्ष इसका वितरण किया जाएगा।
प्रो. रामशंकर का गणित शिक्षा और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वे वर्ष 1966 से 2007 तक गणित विभाग में सक्रिय रहे। इसके अलावा 1991 से 1993 और फिर 1999 से 2002 तक गणित विभाग के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने आईआईटी-बीएचयू, काशी हिंदू विश्वविद्यालय तथा पूर्वांचल के कई शिक्षण संस्थानों में गणितीय शोध और अकादमिक विकास को नई दिशा दी।
बताया जा रहा है कि इस पुरस्कार की स्थापना में प्रो. राम शंकर के पूर्व शोध छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके शिष्यों और सहयोगियों ने मिलकर इस सम्मान की रूपरेखा तैयार की है, ताकि युवा शोधार्थियों को उच्च स्तरीय शोध कार्य के लिए प्रेरित किया जा सके।
पुरस्कार की घोषणा करने वालों में आईआईटी-आईएसएम धनबाद के प्रो. अखिलेश प्रसाद, आईआईटी-बीएचयू के प्रो. संतोष कुमार उपाध्याय, प्रो. मदन मोहन दीक्षित, डॉ. चंद्र प्रकाश पांडेय, डॉ. गिरीश पांडेय प्रमुख रूप से शामिल हैं।

