बीएचयू में अंतर-छात्रावास वॉलीबॉल प्रतियोगिता का रोमांच, बिड़ला 'सी' छात्रावास ने जीता खिताब

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वाराणसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के 'खेलो भारत' आयाम के तत्वावधान में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सरदार पटेल छात्रावास परिसर में शुक्रवार को अंतर-छात्रावास वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्रावासों की 10 टीमों ने भाग लेते हुए खेल भावना, अनुशासन और टीम वर्क का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के जोश और दर्शकों की उत्साहपूर्ण मौजूदगी ने पूरे आयोजन को रोमांचक बना दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी प्रो. अनुपम कुमार नेमा तथा विशिष्ट अतिथि अभाविप के 'खेलो भारत' आयाम की राष्ट्रीय संयोजक कुमारी अर्पिता मलिक रहीं। कार्यक्रम में 'खेलो भारत' के सह संयोजक जतिन भी उपस्थित रहे।

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प्रो. अनुपम कुमार नेमा ने कहा कि खेल केवल जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावी साधन हैं। खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, धैर्य और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों में नियमित खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन पर बल देते हुए कहा कि इससे युवाओं को स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिलती है।

कुमारी अर्पिता मलिक ने कहा कि अभाविप का 'खेलो भारत' आयाम देशभर में विद्यार्थियों के बीच खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही सशक्त राष्ट्र की नींव होते हैं और खेल इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला बिड़ला 'सी' छात्रावास और पीएचडी छात्रावास की टीमों के बीच खेला गया। दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन बिड़ला 'सी' छात्रावास ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। पीएचडी छात्रावास की टीम उपविजेता रही।

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समापन समारोह में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्राध्यापक तथा सरदार पटेल छात्रावास के प्रशासनिक संरक्षक डॉ. धीरेन्द्र कुमार राय ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं मेडल देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और खेल एक-दूसरे के पूरक हैं तथा ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं। बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी और अभाविप कार्यकर्ता कार्यक्रम में मौजूद रहे। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस तरह की प्रतियोगिताओं के नियमित आयोजन पर जोर दिया।

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