फरार हत्या आरोपियों पर भेलूपुर पुलिस का शिकंजा कसा, न्यायालय में हाजिर हों या कुर्की के लिए हो जाओ तैयार
वाराणसी। न्यायालय के आदेश के क्रम में फरार चल रहे अभियुक्तों के विरुद्ध भेलूपुर पुलिस ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। हत्या समेत गंभीर धाराओं में वांछित चार आरोपियों के लंबे समय से फरार रहने और बार-बार जारी गैर-जमानती वारंट के बावजूद न्यायालय में उपस्थित न होने पर धारा 82 सीआरपीसी के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून के प्रति सख्त संदेश गया है।
हत्या समेत गंभीर धाराओं में वांछित हैं आरोपी
यह कार्रवाई मुकदमा अपराध संख्या 187/1991, धारा 147, 148, 149 और 302 के तहत दर्ज मामले में की गई है। पुलिस के अनुसार जिन अभियुक्तों के खिलाफ 82 सीआरपीसी की कार्रवाई की गई है, उनमें जियालाल पुत्र कल्लू, गोपाल पुत्र पुरुषोत्तम, कन्हैयालाल पुत्र पुरुषोत्तम और बंसीलाल पुत्र पुरुषोत्तम शामिल हैं। ये सभी अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहे थे और न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हो रहे थे।

न्यायालय के आदेश पर की गई उद्घोषणा
न्यायालय द्वारा बार-बार एनबीडब्ल्यू (गैर-जमानती वारंट) जारी किए जाने के बावजूद आरोपियों के हाजिर न होने पर न्यायालय ने धारा 82 सीआरपीसी के अंतर्गत कार्रवाई का आदेश दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में भेलूपुर पुलिस ने आरोपियों के निवास स्थान पर उद्घोषणा की कार्रवाई की और मौके पर उपस्थित लोगों को पूरी कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त भेलूपुर गौरव कुमार के निर्देशन में की गई। प्रभारी निरीक्षक भेलूपुर सुधीर त्रिपाठी के आदेश पर चौकी प्रभारी पियूष प्रताप सिंह, उप निरीक्षक विनय यादव, उप निरीक्षक योगेंद्र प्रताप सिंह तथा कांस्टेबल अनुराग यादव द्वारा इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

83 सीआरपीसी के तहत कुर्की की चेतावनी
पुलिस ने उद्घोषणा के दौरान स्पष्ट किया कि यदि अभियुक्त निर्धारित समयावधि में माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। इस संबंध में मौके पर मौजूद लोगों से हस्ताक्षर भी कराए गए और अग्रिम कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
कानून से भागने वालों को नहीं मिलेगी राहत
भेलूपुर पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में वांछित अभियुक्तों के खिलाफ कानून के दायरे में रहकर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फरार आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

