आशा भोंसले को वाराणसी में श्रद्धांजलि, डर्बी शायर क्लब ने कैंडल जलाकर किया नमन
वाराणसी। महान पार्श्व गायिका आशा भोंसले के निधन पर वाराणसी में शोक की लहर दौड़ गई। इस अवसर पर वाराणसी डर्बी शायर क्लब द्वारा पितर कुंडा के प्राचीन कुंड परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व क्लब के अध्यक्ष Shakeel Ahmed Jadugar ने किया।

शाम करीब 4:00 बजे आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने आशा भोंसले जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और कैंडल जलाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान माहौल भावुक रहा और सभी ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

सभा को संबोधित करते हुए श्री शकील अहमद जादूगर ने बताया कि आशा भोंसले जी का जन्म 8 दिसंबर 1933 को महान संगीतकार Deenanath Mangeshkar के परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी बड़ी बहन Lata Mangeshkar के साथ मिलकर भारतीय संगीत जगत में एक स्वर्णिम इतिहास रचा। अपनी मधुर और अनूठी आवाज़ से उन्होंने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के श्रोताओं का दिल जीता।

उन्होंने कहा कि 92 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कहकर आशा भोंसले जी ने संगीत जगत को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। क्लब के सभी सदस्यों ने उन्हें शत-शत नमन करते हुए कहा कि उनके द्वारा गाए गए हजारों गीत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे।
इस श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से गुफरान अहमद, हैदर मुल्ला, जावेद हुसैन, समीम खान, सैयद दुलारे हुसैन, चिंतित बनारसी, राशिद खान, शकील खान और विक्की यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में महान गायिका को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

