चैत्र नवरात्रि में काशी विश्वनाथ धाम में सजी भक्ति-संगीत की अनुपम संध्या, भजनों-गीतों की प्रस्तुतियों पर झूमे श्रोता
वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित नौ दिवसीय सांस्कृतिक संध्या श्रृंखला के तहत सप्तम दिवस भक्ति, संगीत और नृत्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण में डुबो दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत पंडित सुखदेव मिश्र के मधुर वायलिन वादन से हुई, जिसने पूरे परिसर को सुरमयी बना दिया। इसके बाद पंडित जयंत खोट ने भजन प्रस्तुत कर भक्तिरस का संचार किया। वहीं श्रीमती रूपा रानी के भावपूर्ण नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। तीनों कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।

सांस्कृतिक संध्या का संचालन वाराणसी की प्रसिद्ध वक्ता सुश्री मीनाक्षी दीक्षित ने प्रभावी और गरिमामय ढंग से किया। उनके सधे हुए संचालन ने कार्यक्रम को एक सुसंगठित रूप प्रदान किया और दर्शकों को पूरे समय जोड़े रखा।

धर्म, अध्यात्म और संस्कृति के समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित यह श्रृंखला चैत्र नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा।

यह आयोजन काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हो रहा है, जो काशी की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

