मानवीय पहल की मिसाल: वाराणसी ट्रैफिक पुलिस ने कुछ ही घंटों में खोया बैग ढूंढकर लौटाया, बैंग में थे जरूरी दस्तावेज

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वाराणसी। ट्रैफिक पुलिस का एक सराहनीय और मानवीय चेहरा आज उस समय सामने आया, जब उनकी तत्परता से खोया हुआ बैग कुछ ही घंटों में सुरक्षित बरामद कर पीड़ित को सौंप दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से न सिर्फ एक परिवार को बड़ी राहत मिली, बल्कि पुलिस के प्रति आमजन का भरोसा भी और मजबूत हुआ।

गाजीपुर जिले के अंधऊ निवासी अंकित कुमार यादव अपनी छोटी बहन साक्षी यादव का इलाज कराने महामना मदन मोहन मालवीय कैंसर हॉस्पिटल आ रहे थे। दोनों कैंट रेलवे स्टेशन से ऑटो रिक्शा में सवार होकर अस्पताल के लिए निकले। जब वे लंका चौराहे पर उतरे, तो जल्दबाजी में अंकित का बैग ऑटो में ही छूट गया।

बैग के छूटते ही अंकित यादव घबरा गए, क्योंकि उसमें बहन के इलाज से संबंधित अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे। उन्होंने तत्काल लंका चौराहे पर तैनात टीएसआई शिव बदन यादव और हेड कांस्टेबल अजय कुमार को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही दोनों पुलिसकर्मियों ने बिना देरी किए सक्रियता दिखाई और ऑटो चालक व आसपास के सीसीटीवी कैमरों की मदद से बैग की तलाश शुरू कर दी।

कुछ ही घंटों के अथक प्रयास के बाद ट्रैफिक पुलिस ने वह बैग सुरक्षित बरामद कर लिया और अंकित यादव को सौंप दिया। बैग में सीटी स्कैन की सीडी, सीटी स्कैन रिपोर्ट और इलाज से जुड़े अन्य जरूरी कागजात मौजूद थे।

अंकित ने बताया कि यदि यह बैग नहीं मिलता, तो उनकी बहन की पूरी जांच प्रक्रिया दोबारा करानी पड़ती, जिसमें करीब 15 से 20 दिन का समय और 25 हजार रुपये से अधिक का खर्च आता। बैग मिलने से उन्हें न सिर्फ आर्थिक नुकसान से राहत मिली, बल्कि इलाज में होने वाली देरी भी टल गई।

बैग मिलने के बाद अंकित यादव ने वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा,
“हम पहली बार देख रहे हैं कि बैग खोने के कुछ ही घंटे के भीतर पुलिस ने इतनी तत्परता से उसे ढूंढ निकाला। ट्रैफिक पुलिस के इस मानवीय प्रयास के लिए हम दिल से धन्यवाद देते हैं। उनकी वजह से मेरी दीदी के इलाज से जुड़े सभी जरूरी कागजात सुरक्षित मिल गए।”

स्थानीय लोगों ने भी ट्रैफिक पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की सराहना की। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आमजन की मदद के लिए भी पुलिस हमेशा तत्पर रहती है।

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