बीएचयू में आइसा की चौपाल, जेएनयू से लेकर आईआईटी-बीएचयू प्रकरण तक चर्चा

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वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की ओर से छात्र-छात्राओं के साथ चौपाल आयोजित की गई। इसमें आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। चौपाल में विश्वविद्यालय में छात्र संगठनों के कार्यक्रमों को अनुमति नहीं मिलने, अभिव्यक्ति के लिए मंच, छात्र राजनीति और महिला सुरक्षा समेत विभिन्न मुद्दों पर छात्रों ने अपनी बात रखी। आईआईटी-बीएचयू से जुड़े छात्रा दुष्कर्म प्रकरण का मुद्दा भी चर्चा में आया।


आइसा पदाधिकारियों के मुताबिक, छात्रों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और सवालों को समझने के उद्देश्य से विभिन्न विश्वविद्यालयों में चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में पहली चौपाल प्रयागराज में हुई थी, जबकि बीएचयू में आयोजित कार्यक्रम इस श्रृंखला की दूसरी चौपाल रही।

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कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने का मुद्दा उठा
चौपाल के दौरान आइसा प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने आरोप लगाया कि संगठन को बीएचयू परिसर में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जाती है। उन्होंने कहा कि अनुमति नहीं मिलने के कारण संगठन को परिसर के बाहर कार्यक्रम करने पड़ते हैं। मनीष कुमार के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कई बार अनुमति के संबंध में ऊपर से दबाव होने की बात कही जाती है।

इस पर छात्रों ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि विश्वविद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान और संवाद का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। छात्र संगठनों के कार्यक्रमों के लिए स्पष्ट और समान व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थी विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रख सकें।

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आईआईटी-बीएचयू प्रकरण पर भी चर्चा
चौपाल में आईआईटी-बीएचयू में छात्रा से दुष्कर्म के मामले को लेकर भी विद्यार्थियों ने सवाल उठाए। महिला सुरक्षा, छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की जवाबदेही को लेकर चर्चा हुई। छात्रों ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके अलावा छात्र संगठनों के कार्यक्रमों में कथित व्यवधान और विद्यार्थियों को अपनी बात रखने के लिए लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया गया।

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छात्रों से सीधे संवाद पर जोर
नेहा बोरा और मनीष कुमार ने विद्यार्थियों की समस्याएं सुनीं और विभिन्न मुद्दों पर उनसे संवाद किया। चौपाल में छात्र-छात्राओं ने अपनी समस्याओं, सवालों और सुझावों को संगठन के पदाधिकारियों के सामने रखा। आइसा पदाधिकारियों ने कहा कि चौपाल का उद्देश्य छात्रों के बीच जाकर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझना और उन्हें सामूहिक चर्चा के माध्यम से सामने लाना है।

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