काशी विश्वनाथ धाम में आदि शंकराचार्य की जयंती पर गूंजे स्तोत्र, विद्यार्थियों ने किया पाठ
वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में आदि शंकराचार्य की जयंती के पावन अवसर पर बुधवार को विशेष आध्यात्मिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रो. सिद्धिदात्री के मार्गदर्शन में शंकराचार्य जी की प्रतिमा के समक्ष बैठकर उनके द्वारा रचित स्तोत्रों का भावपूर्ण पाठ किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश पंचरत्नम् से हुआ, जिसके बाद अन्नपूर्णा स्तोत्रम्, शिव मानस पूजन, वेद शरणम् शिव स्तुति, भवान्यष्टकम्, निर्वाणषट्कम् और दक्षिणामूर्ति स्तोत्रम् का क्रमवार उच्चारण किया गया। विद्यार्थियों ने पूरी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ स्तोत्रों का पाठ कर पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इस दौरान मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी आयोजन में भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की। कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत शांत, गरिमामय और अनुशासित रहा, जिसने सभी को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। मंदिर प्रशासन ने ऐसे आयोजनों को भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।

