बीएचयू में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने फूंका चीफ प्रॉक्टर का पुतला, प्रॉक्टोरियल बोर्ड से हुई झड़प

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10 सूत्रीय मांगों को लेकर 11वें दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी, छात्र सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही का उठाया मुद्दा

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्र सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और छात्रहित से जुड़ी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को 11वें दिन भी जारी रहा। धरने के दौरान केंद्रीय कार्यालय के समीप कार्यकर्ताओं ने चीफ प्रॉक्टर और विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध में पुतला दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के बीच झड़प की स्थिति बन गई। इससे कुछ देर के लिए परिसर का माहौल तनावपूर्ण रहा।

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छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग दोहराई। छात्रों ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड की जवाबदेही तय करने और लंबित मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। अभाविप पदाधिकारियों का आरोप है कि कई दिनों से शांतिपूर्ण धरना चल रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए पुनीत कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी छात्रों को सुरक्षित और भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए। जब तक मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रखने की बात कही गई।

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एबीवीपी बीएचयू इकाई के अध्यक्ष पल्लव सुमन ने छात्र सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मुख्य प्रॉक्टर के इस्तीफे और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई। इकाई मंत्री अनुराग तिवारी के अनुसार, 10 सूत्रीय मांगों में मुख्य प्रॉक्टर एवं प्रॉक्टोरियल बोर्ड के संबंध में कार्रवाई, आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज मामलों की समीक्षा, छात्र उत्पीड़न पर रोक, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार, अनधिकृत प्रवेश पर रोक, सीसीटीवी और स्ट्रीट लाइट की पर्याप्त व्यवस्था, सभागार आवंटन प्रक्रिया की जांच, मादक पदार्थों के सेवन पर रोक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता जैसे मुद्दे शामिल हैं।

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