बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ आम आदमी पार्टी का जोरदार प्रदर्शन, प्रधानमंत्री का पुतला दहन
वाराणसी। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रहे कथित संगठित अत्याचारों के विरोध में आम आदमी पार्टी वाराणसी इकाई ने रविवार को कचहरी स्थित अंबेडकर पार्क में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया और भारत सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की।
जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद आम आदमी पार्टी की ओर से एक ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद चौकी इंचार्ज अभिषेक शर्मा को सौंपा गया। उन्होंने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इसे जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

हिंदू समुदाय पर हमलों को बताया अमानवीय
आम आदमी पार्टी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के विरुद्ध लगातार हमले, मंदिरों को निशाना बनाया जाना, महिलाओं और बच्चों के साथ की जा रही बर्बरता और भय के माहौल में हो रहा पलायन बेहद चिंताजनक है। पार्टी का कहना है कि ये घटनाएं न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं, बल्कि पूरी मानवता को शर्मसार करने वाली हैं।
केंद्र सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल
जिला अध्यक्ष कैलाश पटेल ने कहा कि इससे भी अधिक पीड़ादायक तथ्य यह है कि इतनी गंभीर घटनाओं के बावजूद केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अब तक कोई ठोस, प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक और नैतिक नेतृत्व वाले देश से अपेक्षा की जाती है कि वह पड़ोसी देश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर मौन न रहे।
कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बनाने की मांग
आम आदमी पार्टी का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत सरकार की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे अत्याचार करने वालों का मनोबल बढ़ रहा है। पार्टी ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि वे संविधान के तहत अपने विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार को तत्काल और कठोर निर्णय लेने के निर्देश दें।

AAP की प्रमुख मांगें
पार्टी ने मांग की कि जब तक बांग्लादेश सरकार हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की ठोस गारंटी नहीं देती, तब तक भारत–बांग्लादेश के सभी व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध समाप्त किए जाएं। इसके साथ ही बांग्लादेश को दी जा रही बिजली आपूर्ति पर रोक लगाने और निजी कॉर्पोरेट के माध्यम से दी जा रही आपूर्ति पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।
पार्टी ने यह भी कहा कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में विशेष संरक्षण दिए जाने से वहां भारतीयों और खासतौर पर हिंदुओं के खिलाफ नफरत और हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है, जिस पर केंद्र सरकार को स्पष्ट और सख्त निर्णय लेना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय साख पर पड़ सकता है असर
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते भारत सरकार ने निर्णायक कदम नहीं उठाए, तो यह न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बनेगा, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय साख और नैतिक नेतृत्व पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा। पार्टी ने कहा कि संविधान हमें सिखाता है कि अन्याय के विरुद्ध मौन रहना भी अन्याय का ही एक रूप है।

कई कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन में मुकेश सिंह, रेखा जायसवाल, घनश्याम पाण्डेय, घनश्याम पाण्डेय, देवकांत वर्मा, अब्दुल्लाह खान, एजाज अहमद, मनीष गुप्ता, राजेश कुमार वर्मा, शारदा टंडन, डॉ. अहिल्या, अर्चना श्रीवास्तव, विनोद जसवाल, कन्हैया मिश्रा, सरोज शर्मा, अमर सिंह पटेल, विवेक गुप्ता, सचिन महेद्रु, विनोद कुशवाहा, नीलेश सिंह, शंकुतला देवी, शहनवाज, नियाज अहमद, सतीश सिंह, गुलाब सहित बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
आम आदमी पार्टी ने साफ किया कि जब तक बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक उनका यह विरोध और संघर्ष जारी रहेगा।

