वाराणसी : सिग्नेचर ब्रिज का सर्वे पूरा, मार्च में हो सकता है टेंडर 

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वाराणसी। गंगा में मालवीय ब्रिज के सामानांतर बनने वाले सिग्नेचर ब्रिज के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण का काम पूरा हो चुका है। इनलैंड वाटर वेज अथारिटी की ओर से इसके लिए एनओसी पहले ही मिल चुकी है। ऐसे में मार्च 2023 माह में टेंडर होने की उम्मीद है। 

पहले चरण में ब्रिज के फाउंडेशन की डिजाइन तैयार की जाएगी। ब्रिज के सतह परीक्षण की जिम्मेदारी स्पेक्ट्रम कंपनी को दिया गया था। कार्यदायी संस्था ने पानी की सतह से 91 मीटर की गहराई तक मिट्टी के नमूने लिए। प्रत्येक मीटर पर मिट्टी की जांच हुई। 

एक साल पहले ही मिल चुकी है एनओसी 
प्रस्तावित ब्रिज की ऊंचाई को लेकर अब कोई अड़चन नहीं है। इस महात्वाकांक्षी परियोजना को लेकर इनलैंड वाटर वेट आथारिटी आफ इंडिया (आइडब्ल्यूएआई) ने एक वर्ष पहले एनओसी जारी कर दी थी। रेलवे से अब डीपीआर फाइनल होना शेष है। इसके बाद परियोजना को मूर्तरूप देने का काम शुरू होगा। उत्तर रेलवे के उप मुख्य परियोजना प्रबंधक एसबी मलिक ने बताया कि नमूनों की लैब में जांच होगी। इसके बाद सर्वेक्षण रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। मार्च 2023 तक टेंडर जारी होने की उम्मीद है। 

रेलवे बनाएगा डीपीआर 
इस परियोजना के लिए डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी रेलवे को सौंपी गई है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद टेंडर होगा। 

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