वाराणसी :  दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर 56वीं हेल्थ कैंप, हवन और भजन हुआ 

vns

वाराणसी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 56वीं पुण्यतिथि दीनदयाल उपाध्याय सेवा प्रतिष्ठान की ओर से मनाई गई। इस अवसर पर दीनदयाल स्मृति स्थल पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के मध्य चित्रकला प्रतियोगिता, हवन और भजन का आयोजन किया गया। इस दौरान दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात करते हुए जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। 

vns

कार्यक्रम का शुभारंभ दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य आत्मा की शांति के लिए काशी के प्रकांड विद्वान काशीनाथ शुक्ला के पुरोहित्व में राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मिश्र सभी पदाधिकारियों ने किया। स्वास्थ शिविर में लगभग चार सौ से अधिक मरीजों का परीक्षण किया। इसमें सरकारी पीएचसी के डाक्टर, आलोक हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने ल्गों के स्वास्थ्य की जांच की। सेंटर फॉर साईट आई हॉस्पिटल के -सेंटर की ओर से आंखों का कम्प्यूटर से परीक्षण किया। प्राथमिक विद्यालय राजघाट कबीरचौरा, न्यू जय हिंद पब्लिक स्कूल, ज्योति शिक्षा निकेतन समेत अन्य स्कूलों के 175 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसमें प्राथमिक विद्यालय के अंजनी यादव को प्रथम, राधिका सोनकर को द्वितीय, रिया धीरव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अक्षय, दक्षिता को विशेष पुरस्कार दिए गए। प्रतियोगिता का संयोजन संदीप मिश्रा ने किया। निर्णायक संजय चौधरी व आचार्य किशोर महाराज रहे।
 

इस अवसर पर राजन तिवारी, अवनीश तिवारी जी, श्रीजन फाउंडेशन की माया देवी, यूएसएस फाउंडेशन के शशिशंकर, प्रदीप सोनी दीनदयाल कर्मयोगी सम्मान से सम्मानित किया। इस दौरान प्रतिष्ठान के उपाध्यक्ष व भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संजय चौधरी ने कहा कि दीनदयाल की दृष्टि अंत्योदय, मंत्र अन्त्योदय रहा है। उन्होंने बताया कि केवल भौतिक सुख से किसी शांति मिलती है। कहा कि राष्ट्र और राज में अंतर है राज सत्ता का प्रकटीकरण है, जबकि राष्ट्र संस्कृति का उद्घोषणा करती है। 


राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मिश्र ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय सेवा प्रतिष्ठान की स्थापना अटल जी की प्रेरणा से तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कलराज मिश्र ने संघ के वरिष्ठ प्रचारक शिवकुमार अस्थाना के नेतृत्व में किया। कार्यक्रम में राजन तिवारी, विरेंद्र तिवारी, अवनीश, संजय सिंह ने भगवान राम पर अपने विभिन्न गानों से लोगो को गुदगुदाया। कार्यक्रम का सफल संयोजन शशिप्रकाश मिश्र के दिशा निर्देश में हेमंत राज ने किया। इस दौरान हिमांशु दुबे, सत्यम सेठ, हेमंत सेठ, विशाल राज, अमित सिंह, पीयूष जी, उत्कर्ष, विकास प्रजापति, शिवम सिंह, सत्यम पांडेय, आशुतोष दुबे, विकास, विनय, रोहित, अंकित का विशेष योगदान रहा।

हमारे टेलीग्राम ग्रुप को ज्‍वाइन करने के लि‍ये  यहां क्‍लि‍क करें, साथ ही लेटेस्‍ट हि‍न्‍दी खबर और वाराणसी से जुड़ी जानकारी के लि‍ये हमारा ऐप डाउनलोड करने के लि‍ये  यहां क्लिक करें।

Share this story