मां अन्नपूर्णा मंदिर में 101 कन्याओं का पूजन, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ हवन और महाआरती, विश्व कल्याण की कामना की
सुगंधित फूलों से हुआ माता का भव्य श्रृंगार, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महाआरती; जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
वाराणसी। शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर काशी के अति प्राचीन मां अन्नपूर्णा मंदिर में सोमवार को भव्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। मंदिर के महंत शंकर पुरी जी महाराज के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन किया गया। इसके बाद माता का सुगंधित माला-फूलों से भव्य श्रृंगार कर महाआरती उतारी गई। इस दौरान देश की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की गई।
महानवमी के अवसर पर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की चहल-पहल रही। सात वैदिक ब्राह्मणों ने विधि-विधान से हवन संपन्न कराया। हवन में आहुतियां अर्पित कर मां अन्नपूर्णा से जनकल्याण, परिवारों की खुशहाली और समाज में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना की गई। इसके बाद माता को सुगंधित फूलों और मालाओं से सजाया गया। भव्य श्रृंगार के बाद हुई महाआरती में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर माता का आशीर्वाद लिया।

101 कन्याओं का पूजन कर कराया प्रसाद ग्रहण
महंत शंकर पुरी जी महाराज ने बताया कि अष्टमी के बाद नवमी तिथि पर कन्या पूजन की विशेष परंपरा है। इसी क्रम में नौ कुंवारी कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। उनके चरण पूजकर आरती उतारी गई और देवी स्वरूप में उनका सम्मान किया गया। इसके पश्चात 101 कन्याओं का पूजन कर उन्हें प्रसाद ग्रहण कराया गया।
धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर मां अन्नपूर्णा के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। नवरात्र के अंतिम चरण में आयोजित इस अनुष्ठान ने मंदिर में भक्तिमय माहौल बना दिया।

