तुलसी घाट पर गंगा स्नान के दौरान युवक डूबा, घंटों की तलाश के बाद मिला शव
वाराणसी। काशी के प्रसिद्ध तुलसी घाट पर गुरुवार तड़के गंगा स्नान के दौरान एक युवक की डूब गया। सूचना मिलते ही भेलूपुर थाना पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। कई घंटों तक चले सघन सर्च अभियान के बाद युवक का शव गंगा से बरामद कर लिया गया। मृतक की पहचान मिर्जापुर जनपद के कछवां निवासी 32 वर्षीय शिवशंकर सिंह पुत्र अनिल सिंह के रूप में हुई है।
शिवशंकर सिंह वाराणसी के अस्सी क्षेत्र स्थित एक होटल में कार्यरत था और काफी समय से शहर में रह रहा था। गुरुवार की भोर में वह अपने कुछ मित्रों के साथ तुलसी घाट घूमने और गंगा स्नान के लिए पहुंचा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह लगभग तीन से चार बजे के बीच वह स्नान के लिए गंगा में उतरा। प्रारंभ में वह सामान्य रूप से स्नान कर रहा था, लेकिन कुछ ही देर बाद उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी की ओर चला गया।
बताया जाता है कि युवक को डूबता देख उसके साथ मौजूद दोस्तों ने शोर मचाते हुए उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंगा की तेज धारा के कारण वे उसे बाहर निकालने में सफल नहीं हो सके। कुछ ही क्षणों में शिवशंकर पानी में लापता हो गया। घटना की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
भेलूपुर थाना पुलिस के पहुंचने के बाद एनडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया। एनडीआरएफ के गोताखोरों और बचावकर्मियों ने गंगा के विभिन्न हिस्सों में व्यापक सर्च अभियान चलाया। कई घंटों तक चली खोजबीन के बाद सुबह करीब आठ बजे युवक का शव बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को भी दे दी गई, जिसके बाद परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के वाराणसी पहुंचने की प्रतीक्षा की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला स्नान के दौरान डूबने का प्रतीत होता है। हालांकि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा मानकों और जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गहरे पानी और तेज धारा वाले क्षेत्रों में स्नान करने से पहले विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

