मांस मछली की दुकानें बंद होने से छिन रहा महिलाओं का रोजगार, सड़क पर उतरकर किया प्रदर्शन, प्रशासनिक कार्रवाई रोकने की उठायी मांग 

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वाराणसी। शहर में मांस और मछली की दुकानों के खिलाफ चल रही प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों को जोरदार ढंग से उठाया तथा प्रशासन से उनके रोजगार और आजीविका से जुड़े व्यवसाय को बंद न करने की अपील की।


महिलाओं का कहना था कि मांस और मछली के कारोबार से शहर के अनेक परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। इस व्यवसाय पर हजारों लोगों की रोजी-रोटी निर्भर है। यदि दुकानों को बंद किया गया तो व्यापारियों के साथ-साथ मजदूरों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।

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प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने अपने हाथों में ऐसी तख्तियां उठा रखी थीं, जिन पर “भोजन का अधिकार नहीं छीन सकती सरकार” और “मीट-मछली दुकानें बंद करना बंद करो” जैसे संदेश लिखे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद का भोजन चुनने और वैध तरीके से व्यवसाय करने का अधिकार प्रदान करता है। ऐसे में किसी भी निर्णय से पहले प्रभावित लोगों की स्थिति और उनके हितों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।


उन्होंने कहा कि वे किसी प्रकार के टकराव के पक्ष में नहीं हैं, बल्कि अपनी आजीविका की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रही हैं। उनका कहना था कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो वे आगे भी शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन जारी रखेंगी।


महिलाओं ने प्रशासन से संवाद स्थापित कर ऐसा व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की, जिससे कानून व्यवस्था और जनभावनाओं का सम्मान भी बना रहे तथा व्यापारियों और कामगारों की आजीविका भी प्रभावित न हो। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इसको लेकर जल्द ही अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की बात कही।

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