कचहरी परिसर में युवती ने सल्फास खाया, हालत बिगड़ने पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। कचहरी परिसर में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अपने मुकदमे की पैरवी के लिए पहुंची 19 वर्षीय युवती ने कथित तौर पर सल्फास खा लिया। हालत बिगड़ने पर न्यायालय परिसर में मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कचहरी चौकी पुलिस ने युवती को तत्काल पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। फिलहाल युवती की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक शुक्रवार को करीब ढाई बजे न्यायालय सुरक्षा प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार पांडे ने कचहरी परिसर में एक युवती के सल्फास खाने की सूचना दी। सूचना मिलते ही कचहरी चौकी प्रभारी अभिषेक वर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और युवती को उपचार के लिए पंडित दीनदयाल अस्पताल पहुंचाया।

युवती की पहचान चांदनी साहनी पुत्री चिंटू साहनी, निवासी पालघर, जिला पालघर, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 19 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार वह कचहरी परिसर में अपने मुकदमे की पैरवी के सिलसिले में पहुंची थी। सल्फास खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया।

पंडित दीनदयाल अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद युवती को बेहतर उपचार के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस ने दूरभाष के माध्यम से उसके परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। परिजन देवरिया के मइल थाना क्षेत्र के अकूबा गांव से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के लिए रवाना हुए हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवती इससे पहले दो बार चूहे मारने की दवा खा चुकी है। इस बार उसने कथित तौर पर सल्फास खा लिया। बताया जा रहा है कि युवती हर बार महाराष्ट्र से काशी आती रही है। हालांकि, इन जानकारियों की पुलिस स्तर से विस्तृत पुष्टि की जा रही है।

घटना के बाद कचहरी परिसर में कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति रही। पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगी है। युवती ने सल्फास क्यों खाया और उसके पीछे की वास्तविक वजह क्या है, इसका पता परिजनों से पूछताछ और आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

Share this story