क्या इस सावन टूटेगा बाबा विश्वनाथ धाम का रिकॉर्ड? पिछले साल 63 लाख श्रद्धालुओं ने किए थे दर्शन

WhatsApp Channel Join Now

वाराणसी। भगवान शिव की नगरी काशी में सावन का महीना शुरू होते ही एक बार फिर करोड़ों शिवभक्तों की आस्था बाबा विश्वनाथ धाम की ओर उमड़ने लगी है। इस बार सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सावन 2026 में बाबा विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं का अब तक का रिकॉर्ड टूट जाएगा? पिछले वर्ष सावन 2025 में पूरे महीने 63,06,631 श्रद्धालुओं ने श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन किया था। प्रशासन और मंदिर न्यास की तैयारियों को देखते हुए इस बार यह संख्या और अधिक होने की उम्मीद जताई जा रही है।

पिछले साल बना था नया कीर्तिमान
श्री काशी विश्वनाथ धाम के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 का सावन श्रद्धालुओं की संख्या के लिहाज से बेहद खास रहा। पूरे सावन मास में 63 लाख 6 हजार 631 श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। इससे पहले वर्ष 2024 में यह संख्या 54 लाख 22 हजार 44 थी। वहीं वर्ष 2023 में सबसे अधिक 1 करोड़ 63 लाख 15 हजार 392 श्रद्धालुओं के दर्शन का आंकड़ा दर्ज किया गया था, जबकि वर्ष 2022 में 1 करोड़ 1 लाख 12 हजार 659 श्रद्धालु बाबा के दरबार पहुंचे थे।

a

हालांकि वर्ष 2023 और 2022 में सावन की अवधि अधिक होने के कारण कुल श्रद्धालुओं की संख्या भी अधिक रही थी। ऐसे में समान अवधि के आधार पर देखें तो वर्ष 2025 का आंकड़ा भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सावन के सोमवारों पर लगातार बढ़ती गई भीड़
सावन 2025 के प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही। पहले सोमवार यानी 14 जुलाई 2025 को 3,41,356 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। दूसरे सोमवार 21 जुलाई को यह संख्या बढ़कर 4,54,226 हो गई।

तीसरे सोमवार 28 जुलाई को 5,66,641 श्रद्धालु बाबा के दरबार पहुंचे, जबकि चौथे और अंतिम सोमवार 4 अगस्त 2025 को सबसे अधिक 6,91,590 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस प्रकार केवल चार सोमवारों में ही 20,53,813 श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए।

इस बार बेहतर व्यवस्थाओं से और बढ़ सकती है संख्या
सावन 2026 के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग, चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल, सफाई और डिजिटल निगरानी जैसी व्यवस्थाओं को पहले से अधिक मजबूत किया गया है। श्रद्धालुओं को कम समय में दर्शन कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

देश-दुनिया से उमड़ रही आस्था
सावन में काशी केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र बन जाती है। कांवड़िए, शिवभक्त और पर्यटक बड़ी संख्या में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ गंगा स्नान और काशी के अन्य धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण करते हैं। इससे शहर की धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

Share this story