काशी में जल सुरक्षा को मिलेगी नई पहचान: बदलेगी जल पुलिस की वर्दी, कंट्रोल रूम से होगी घाटों की निगरानी
वाराणसी। धर्मनगरी काशी में गंगा तट पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए वाराणसी पुलिस ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इस योजना के तहत जल पुलिस को नया ड्रेस कोड दिया जाएगा, आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा और घाटों की निगरानी के लिए अत्याधुनिक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इन बदलावों से न केवल जल पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि आपात स्थिति में पर्यटकों को त्वरित सहायता भी मिल सकेगी।
वाराणसी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक गंगा स्नान, नौका विहार और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पहुंचते हैं। कई बार असावधानी और नियमों की अनदेखी के कारण दुर्घटनाएं भी सामने आती रही हैं। इन्हीं घटनाओं को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने जल पुलिस व्यवस्था में सुधार का निर्णय लिया है।
अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) वैभव बांगर ने बताया कि जल पुलिस की नई यूनिफॉर्म को विशेष रूप से अधिक दृश्यता और पहचान के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। नई वर्दी में ऊपर की शर्ट येलो (पीले) रंग की होगी, जबकि पैंट नेवी ब्लू रंग की रहेगी। उनका कहना है कि वर्तमान वर्दी भीड़भाड़ वाले घाटों पर आसानी से दिखाई नहीं देती, जबकि नई यूनिफॉर्म दूर से ही पहचान में आ जाएगी। इससे पर्यटक और श्रद्धालु जरूरत पड़ने पर आसानी से जल पुलिस तक पहुंच सकेंगे।
उन्होंने बताया कि जल पुलिस कर्मियों को विशेष किट भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें लाइफ जैकेट, लाउडहेलर, कैप और सनग्लासेस जैसे उपकरण शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त घाटों की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए 20 से 25 कैमरों वाला एक आधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। प्रमुख घाटों पर लगाए जाने वाले कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी।
एडीसीपी ने बताया कि सुरक्षा के साथ-साथ जनजागरूकता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। गंगा आरती के दौरान प्रमुख घाटों पर वीडियो प्रोजेक्टर के माध्यम से सुरक्षा संबंधी संदेश प्रसारित किए जाएंगे। इन वीडियो के जरिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को नौका विहार, गंगा स्नान और घाटों पर बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जाएगी।
नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई भी लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 33 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं तथा 70 से अधिक नावों को विभिन्न उल्लंघनों के कारण सीज किया गया है। पुलिस का कहना है कि पहले लोगों को जागरूक किया जाता है, लेकिन नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाती है।

