लोहता में जल निकासी चैंबर बंद करने का आरोप, ग्राम प्रधान के साथ कमिश्नर-डीएम ऑफिस पहुंचे ग्रामीण, लगाई गुहार 

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वाराणसी। लोहता क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्राम प्रधान फकीर अली के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी से मुलाकात कर जल निकासी के मुख्य चेंबर को कथित रूप से बंद किए जाने की निष्पक्ष जांच कराने तथा जल निकासी व्यवस्था तत्काल बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि चेंबर को मिट्टी और मलबे से पाट दिए जाने के कारण पूरे गांव में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव का वर्षा जल वर्षों से लोहता ग्राम सभा के रास्ते हरपालपुर, चंदापुर और मामूदपुर के नालों तक पहुंचता रहा है। उनका कहना है कि लोहता के नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बाद पिछले तीन वर्षों से इस जल निकासी मार्ग को बंद करने का प्रयास किया जा रहा था। आरोप है कि तीन दिन पहले देर रात वार्ड संख्या-52 के पार्षद प्रतिनिधि ने कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर गांव की सीमा के पास स्थित मुख्य जल निकासी चेंबर को मिट्टी और मलबे से पूरी तरह भरवा दिया।

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ग्रामीणों का कहना है कि अगले दिन गांव में जलभराव होने पर जब वे मौके पर पहुंचे और चेंबर की सफाई शुरू की, तब पता चला कि उसे जानबूझकर पूरी तरह अवरुद्ध किया गया है। इसके चलते बारिश का पानी गांव की गलियों और कई घरों तक पहुंच गया, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जल निकासी बहाल करने के प्रयास के दौरान पार्षद प्रतिनिधि की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का हवाला देते हुए सफाई कार्य रुकवा दिया। स्थानीय स्तर पर समाधान न मिलने पर ग्राम प्रधान फकीर अली और ग्रामीणों ने पहले एसडीएम सदर, फिर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस कमिश्नर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

फिलहाल ग्रामीण प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई और स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बारिश के मौसम में पूरे गांव को जलभराव की गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

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