वीडीए की ओटीएस-2026 योजना लॉंच, बकायेदारों को राहत के साथ आसान निस्तारण का मौका

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वाराणसी। विकास प्राधिकरण ने बकायेदार आवंटियों को राहत देने और लंबित देयों के पारदर्शी निस्तारण के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस-2026) की शुरुआत की है। शासन के निर्देश पर इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए 21 अप्रैल को प्राधिकरण सभागार में विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा के निर्देशानुसार सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता में अधिकारियों और कर्मचारियों को विस्तृत जानकारी दी गई।

ओटीएस-2026 योजना के तहत प्राधिकरण के बकायेदार आवंटी सरल शर्तों पर अपने बकाया का निस्तारण कर सकते हैं। इस योजना में आवासीय, व्यावसायिक, मिश्रित उपयोग, ग्रुप हाउसिंग, संस्थागत संपत्तियों के साथ-साथ मानचित्र डिफॉल्टर भी शामिल किए गए हैं। योजना का उद्देश्य प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और जनहितकारी बनाना है।

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योजना के प्रमुख लाभों में साधारण ब्याज के आधार पर बकाया का निस्तारण, अधिकतम चार माह तक किस्तों में भुगतान की सुविधा और 30 दिनों के भीतर एकमुश्त भुगतान करने पर 3 प्रतिशत की छूट शामिल है। इसके अलावा पुनर्निर्धारित मामलों में भी मूल दरों पर ही गणना की जाएगी, जिससे आवंटियों को अतिरिक्त राहत मिलेगी।

शुल्क संरचना के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए ₹100 प्रोसेसिंग शुल्क और ₹5000 प्रारंभिक जमा, एलआईजी वर्ग के लिए ₹500 और ₹10,000, अन्य आवासीय व व्यावसायिक श्रेणियों के लिए ₹2100 और ₹50,000 निर्धारित किया गया है। वहीं ग्रुप हाउसिंग और संस्थागत मामलों में ₹11,000 प्रोसेसिंग शुल्क और ₹5 लाख प्रारंभिक जमा तय किया गया है। मानचित्र से जुड़े मामलों में ₹5000 प्रोसेसिंग शुल्क और ₹2 लाख प्रारंभिक जमा अनिवार्य होगा।

भुगतान व्यवस्था के तहत 50 लाख रुपये तक के बकाया में 30 दिनों के भीतर एक-तिहाई राशि जमा करनी होगी, जबकि शेष राशि तीन मासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी। आवेदन की समयसीमा तीन माह रखी गई है और निस्तारण भी आवेदन के तीन माह के भीतर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

वीडीए ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में आवेदन न करने वाले आवंटियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें संपत्ति निरस्तीकरण, कब्जा, सीलिंग और विधिक वसूली शामिल है। योजना के पहले ही दिन तीन आवंटियों द्वारा पंजीकरण किया जाना इसकी सकारात्मक शुरुआत को दर्शाता है। प्राधिकरण ने सभी आवंटियों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने बकाया का समय से निस्तारण करें और भविष्य की कानूनी कार्रवाई से बचें।

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