VDA उपाध्यक्ष ने ट्रांसपोर्ट नगर योजना प्रगति की समीक्षा की, कार्य में देरी पर टेंडर निरस्त कर दोबारा कराने के निर्देश, कार्यदायी संस्था पर जुर्माना लगाने की दी चेतावनी
वाराणसी। विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा की अध्यक्षता में मंगलवार को विभागीय अधिकारियों की मीटिंग हुई। इसमें ट्रांसपोर्ट नगर योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। वीडीए उपाध्यक्ष ने विद्युत उपकेंद्र निर्माण में प्रगति न होने पर टेंडर निरस्त कर दोबारा कराने के निर्देश दिए। वहीं लापरवाही पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी दी।
उन्होंने रिटेनिंग वॉल निर्माण कार्य कर रही मे. नंदन कंस्ट्रक्शन को निर्देश दिया कि 8 जनवरी तक कार्य 100% पूर्ण हो जाना चाहिए। उपाध्यक्ष ने साफ कहा कि समयसीमा का पालन न करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और आवश्यक होने पर अन्य दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

500 किलोलीटर क्षमता वाले तीन ओवरहेड टैंक, राइजिंग मेन एवं जलापूर्ति संबंधी कार्य कर रही मे. साई कंस्ट्रक्शन को 28 अगस्त की अंतिम तिथि का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया। उपाध्यक्ष ने दोहराया कि प्राधिकरण की ओर से किए जाने वाले सभी कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होने चाहिए तथा गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सबसे कड़ी कार्रवाई विद्युत उपकेंद्र से जुड़ी परियोजना पर की गई। 33/11 के.वी. विद्युत उपकेंद्र को उर्जीकृत करने हेतु ओवरहेड लाइन निर्माण में कोई प्रगति न मिलने पर मे. साई कंस्ट्रक्शन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उपाध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव से टेंडर निरस्त करने और नई निविदा प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दे दिए। यह निर्णय बैठक का सबसे महत्वपूर्ण और कठोर कदम माना जा रहा है।
ट्रांसपोर्ट नगर योजना में पार्किंग निर्माण कार्य कर रही मे. रीता कंस्ट्रक्शन को भी चेतावनी दी गई। निर्धारित समय में कार्य पूरा न होने पर उपाध्यक्ष ने असंतोष जताया और डेट एक्सटेंशन के बाद भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। बैठक में सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, अधीक्षण अभियंता अजय पंवार, अधिशासी अभियंता अरविंद शर्मा, विद्युत अधिशासी अभियंता लाला सतीश सुमन सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

