वीडीए का अवैध प्लाटिंग पर बड़ा प्रहार, 17 स्थानों पर चला बुलडोजर, 73 बीघा में विकसित कॉलोनियां ध्वस्त

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वाराणसी। विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने अवैध प्लाटिंग के खिलाफ सोमवार को बड़ी प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए जोन-2 क्षेत्र में 17 स्थानों पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में करीब 73 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन टीम ने उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा-27 के तहत अवैध निर्माणों और प्लाटिंग को ध्वस्त किया।

प्राधिकरण के अनुसार, जोन-2 के सारनाथ क्षेत्र के अंतर्गत मौजा छांही सारनाथ, जयरामपुर, खरगीपुर और चौबेपुर में बिना स्वीकृत ले-आउट के बड़े पैमाने पर प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। जांच के बाद इन सभी स्थलों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान विनोद कुमार, गुड्डू महाराज, मुन्ना सिंह, राकेश मिश्रा, राजेश पटेल, बबलू यादव, रिंकू प्रधान सहित कई अन्य लोगों की ओर से विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को हटाया गया। इसके अलावा कई ऐसे स्थलों पर भी कार्रवाई की गई, जहां प्लाटिंग करने वालों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी थी।

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वीडीए अधिकारियों ने बताया कि अवैध रूप से कृषि भूमि पर प्लॉट काटकर लोगों को बेचने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। जांच में यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के सड़कें बनाकर भूखंडों का विभाजन किया जा रहा था। इसे देखते हुए एक साथ व्यापक अभियान चलाकर कार्रवाई की गई।

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान जोनल अधिकारी रविन्द्र प्रकाश, अवर अभियंता राजू कुमार तथा प्रवर्तन टीम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम भी किए गए ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

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वाराणसी विकास प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसका भूमि उपयोग (लैंड यूज) अवश्य जांच लें और यह सुनिश्चित करें कि संबंधित भूमि आवासीय श्रेणी में हो। साथ ही प्लाटिंग के लिए न्यूनतम नौ मीटर चौड़ा पहुंच मार्ग होना आवश्यक है तथा बिना वीडीए से ले-आउट स्वीकृत कराए किसी भी प्रकार की प्लाटिंग या भूखंडों की बिक्री न करें।

प्राधिकरण ने बताया कि ले-आउट संबंधी आवेदन प्राप्त होने के बाद नियमानुसार सात दिनों के भीतर स्वीकृति प्रदान करने का प्रावधान है। उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने नागरिकों से केवल वीडीए से स्वीकृत ले-आउट वाले प्लॉट ही खरीदने और मानचित्र स्वीकृत कराए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न कराने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार कठोर प्रवर्तनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

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