बारिश के बाद बदलेगी वाराणसी की तस्वीर, शहर की दीवारों पर फिर उकेरी जाएंगी संस्कृति और विरासत की रंगीन झलकियां
वीडीए शुरू करेगा सुंदरीकरण अभियान, शहर की दीवारों पर उभरेंगी काशी की संस्कृति, विरासत और सामाजिक संदेश
गंगा घाटों, प्रमुख सड़कों और पर्यटन स्थलों की फीकी पड़ चुकी पेंटिंगों का होगा नवीनीकरण
महात्मा गांधी, उस्ताद बिस्मिल्लाह खां और काशी की सांस्कृतिक पहचान बनेंगी आकर्षण का केंद्र
क्वींस कॉलेज की दीवारों पर महात्मा गांधी और उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की आकर्षक पेंटिंग बनेगी
ककरमत्ता पुल पर काशी के घाट, मंदिर और सांस्कृतिक विरासत की दिखेगी झलक
एनसीसी कॉलोनी की दीवारों पर उकेरे जाएंगे देशभक्ति और सामाजिक जागरुकता के संदेश
नगर निगम के सहयोग से काशी की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
वाराणसी। मानसून के बाद वाराणसी एक बार फिर नए रंग-रूप में नजर आएगी। शहर के सुंदरीकरण को नई पहचान देने के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत प्रमुख सड़कों, गंगा घाटों, पर्यटन स्थलों और मंदिरों तक जाने वाले मार्गों की दीवारों पर नई कलाकृतियां बनाई जाएंगी, जबकि पहले से बनी फीकी पड़ चुकी पेंटिंगों का नवीनीकरण भी कराया जाएगा।
वीडीए का उद्देश्य काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दीवारों पर जीवंत रूप में उकेरकर शहर को और अधिक आकर्षक बनाना है, ताकि स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी काशी की समृद्ध पहचान की झलक मिल सके।

प्रमुख स्थानों पर बनेंगी थीम आधारित कलाकृतियां
योजना के तहत कचहरी परिसर की बाहरी दीवार, आयुक्त कार्यालय और बनारस क्लब की दीवारों पर इनेमल पेंट से आकर्षक चित्र बनाए जाएंगे। कई स्थानों पर पारंपरिक मधुबनी कला की शैली में भी भित्ति चित्र तैयार किए जाएंगे, जिससे शहर के सौंदर्य में भारतीय लोककला का समावेश हो सके।
लहुराबीर स्थित क्वींस कॉलेज की दीवारों पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को चरखा चलाते हुए तथा भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां को शहनाई बजाते हुए दर्शाने वाली कलाकृतियां बनाई जाएंगी। वहीं ककरमत्ता पुल की दीवारों पर गंगा घाट, मंदिर और काशी की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली पेंटिंगों को और आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा।

दीवारों पर दिखेंगे सामाजिक सरोकार
नरिया स्थित एनसीसी कॉलोनी की दीवारों पर देशभक्ति और सामाजिक संदेशों पर आधारित भित्ति चित्र तैयार किए जाएंगे। इनमें सीमा पर तैनात जवान, शहीदों को श्रद्धांजलि, 'सबको समान शिक्षा' और 'स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत' जैसे संदेशों को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
पुरानी पेंटिंगों को मिलेगा नया जीवन
बारिश और मौसम के प्रभाव से शहर के विभिन्न हिस्सों में बनी कई पेंटिंगों के रंग फीके पड़ चुके हैं। इन्हें फिर से नया स्वरूप दिया जाएगा। अस्सी घाट, दुर्गाकुंड, कबीरचौरा, लहुराबीर, बरेका, नरिया सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर बनी कलाकृतियों का नवीनीकरण कराया जाएगा, जिससे उनकी चमक और आकर्षण दोबारा लौट सके।

नगर निगम के सहयोग से चलेगा अभियान
वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि यह अभियान बारिश समाप्त होने के बाद शुरू किया जाएगा। इसमें नगर निगम का भी सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि काशी की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शहर की दीवारों को कलात्मक स्वरूप दिया जाएगा, जिससे वाराणसी की सुंदरता और अधिक निखरकर सामने आएगी।
बारिश के बाद शुरू होने वाला यह अभियान न केवल शहर के सौंदर्यीकरण को नई दिशा देगा, बल्कि काशी की कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को भी भित्ति चित्रों के माध्यम से जीवंत बनाकर पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र तैयार करेगा।

