Varanasi Weather : पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 15-16 मार्च को गरज-चमक के साथ बारिश के आसार, गर्मी से मिलेगी राहत
वाराणसी। बीते कुछ दिनों से तेज धूप और बढ़ते तापमान से लोग परेशान थे, लेकिन अब मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मार्च को जिले में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में यह परिवर्तन मुख्य रूप से सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण हो रहा है। इसके असर से पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है, जिससे बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। इससे तापमान में भी गिरावट आने के संकेत हैं।
शुक्रवार को शहर में तेज धूप के कारण गर्मी का असर साफ दिखाई दिया। दिन का अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 5.5 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री ज्यादा रहा। दोपहर के समय तेज धूप के कारण लोगों को गर्मी का काफी सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोग छाया की तलाश करते नजर आए, जबकि सड़कों पर भी धूप की तीव्रता स्पष्ट महसूस की गई।
शाम के समय हवा में नमी बढ़ने से हल्की उमस भी महसूस की गई। दिनभर हवा में नमी का स्तर लगभग 35 से 65 प्रतिशत के बीच रहा, जिससे वातावरण में चिपचिपाहट बनी रही। हालांकि बृहस्पतिवार की तुलना में शुक्रवार को दिन और रात के तापमान में करीब एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जो मौसम में संभावित बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
बीएचयू के भू-भौतिकी विभाग के मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अगले दो दिनों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है। उनके अनुसार आसमान में बादलों की सक्रियता बढ़ने से बारिश की स्थिति बन रही है और इससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि 14 मार्च के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ पूर्वी उत्तर प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके साथ ही करीब 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी दिशा से बह रही जेट स्ट्रीम भी मौसम परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से बादल बनने और बारिश होने की संभावना बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतें। खुले मैदानों, ऊंचे स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से जहां तापमान में कमी आएगी, वहीं बारिश के कारण वातावरण में ठंडक बढ़ेगी और लोगों को बढ़ती गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

