Varanasi Weather: सावन के दूसरे दिन जमकर बरसे मेघ, झमाझम बारिश से गर्मी और उमस से मिली राहत

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वाराणसी। सावन के दूसरे दिन मौसम ने ऐसा करवट बदली कि पिछले कई दिनों से तेज गर्मी और उमस से परेशान काशीवासियों को बड़ी राहत मिल गई। बुधवार सुबह से आसमान में घने बादलों का डेरा रहा और कुछ ही देर बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया और लोगों ने राहत की सांस ली।

बीते दो दिनों से लगातार बढ़ी गर्मी और उमस ने जनजीवन को प्रभावित कर रखा था। सुबह से ही बादलों की आवाजाही ने बारिश के संकेत दे दिए थे। कुछ समय बाद तेज वर्षा शुरू होते ही वातावरण में ठंडक घुल गई और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सावन के पावन महीने में हुई इस बारिश ने पूरे शहर के मौसम को खुशगवार बना दिया।

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बारिश का असर शहर की दिनचर्या पर भी देखने को मिला। सुबह कार्यालय, बाजार और अन्य कार्यों के लिए निकले लोगों को बारिश से बचने के लिए छाते और रेनकोट का सहारा लेना पड़ा। कई स्थानों पर लोग दुकानों और शेड के नीचे रुककर बारिश थमने का इंतजार करते दिखाई दिए, जबकि आवश्यक कार्यों के कारण बड़ी संख्या में लोग भीगते हुए भी अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे।

सावन के महीने में हो रही बारिश ने धार्मिक माहौल को भी और अधिक मनोहारी बना दिया। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को भी तेज धूप और उमस से राहत मिली। बारिश के बीच हर-हर महादेव के जयघोष के साथ श्रद्धालु अपने धार्मिक अनुष्ठानों में जुटे रहे। भीगी सड़कों, हरियाली और ठंडी हवाओं ने काशी की सुंदरता में भी चार चांद लगा दिए।

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हालांकि तेज बारिश के चलते शहर के कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी जताई जा रही है। यदि वर्षा का सिलसिला जारी रहा तो कुछ स्थानों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन भरी सड़कों पर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

मौसम में आए इस बदलाव का लोगों ने स्वागत किया। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे शहरवासियों का कहना है कि सावन में ऐसी फुहारें न केवल मौसम को राहत देती हैं, बल्कि धार्मिक वातावरण को भी और अधिक आनंदमय बना देती हैं। झमाझम बारिश के साथ काशी एक बार फिर सावन की प्राकृतिक और आध्यात्मिक छटा में सराबोर नजर आई।

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