Varanasi Weather: वाराणसी में 41.7 डिग्री तापमान, गर्मी और तपिश से लोग बेहाल, अगले कई दिनों तक लू का अलर्ट
वाराणसी। भीषण गर्मी की मार झेल रही काशी में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा है। गुरुवार को वाराणसी का अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके साथ शहर देश का सातवां सबसे गर्म शहर बन गया। यह तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले पांच से छह दिनों तक गर्मी का प्रकोप और बढ़ सकता है तथा पूरे पूर्वांचल में लू चलने की संभावना बनी हुई है।

गुरुवार सुबह से ही तेज धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर तक सूरज की तपिश और गर्म पछुआ हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गर्म हवाओं के कारण बाहर निकलना मुश्किल हो गया। उमस बढ़ने से लोगों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर के समय बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम भीड़ दिखाई दी। मौसम विभाग के अनुसार हवा में नमी का स्तर 42 से 65 प्रतिशत के बीच बना रहा, जिससे गर्मी के साथ उमस का असर भी बढ़ गया। इस मौसम का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल व्यापक वर्षा की कोई सक्रिय स्थिति नहीं है। बारिश की कमी के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लू का असर दिखाई देने लगा है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को गाजीपुर, गोरखपुर और बहराइच उष्ण लहर की चपेट में रहे, जबकि आने वाले दिनों में वाराणसी सहित अन्य जिलों में भी इसका प्रभाव और बढ़ सकता है।

मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर को ढंककर रखने की हिदायत दी गई है। चिकित्सकों के अनुसार बढ़ती गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

