वाराणसी : जिला अस्पताल की पैथालॉजी में शराब पार्टी का वीडियो वायरल, सीएमएस बोले कराएंगे जांच
वाराणसी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल की पैथालॉजी लैब में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों द्वारा पार्टी मनाने का मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लैब के अंदर कुछ कर्मचारी शराब पीते और नॉनवेज खाते दिखाई दे रहे हैं। मामले की जानकारी होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही है।
जिला अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के खून की जांच इसी पैथालॉजी लैब में की जाती है। इसके अलावा एमसीएच विंग में आने वाली गर्भवती महिलाओं के खून के नमूनों की भी महत्वपूर्ण जांच इसी लैब में होती है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों द्वारा लैब के अंदर पार्टी मनाने और शराब पीने का मामला सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

शनिवार दोपहर सोशल मीडिया पर चार अलग-अलग वीडियो वायरल हुए। इनमें से एक वीडियो में पैथालॉजी लैब के अंदर तीन लोग बैठे नजर आ रहे हैं। उसी कमरे में खून की जांच से संबंधित मशीनें भी मौजूद हैं। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि मेज पर तीन गिलास रखे हुए हैं जिनमें शराब है, जबकि प्लेट में नॉनवेज भी रखा हुआ है। बताया जा रहा है कि वहां मौजूद लोगों में एक लैब टेक्नीशियन और दो संविदा कर्मचारी शामिल हैं।
ड्यूटी के दौरान इस तरह की हरकत सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि जहां मरीजों की जांच के लिए सैंपल आते हैं, वहां इस तरह की गतिविधियां बेहद गैर-जिम्मेदाराना हैं और इससे स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
कुछ महीने पहले भी इसी अस्पताल के कर्मचारियों का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें लैब टेक्नीशियन और अन्य कर्मचारी स्टाफ नर्सों के साथ भोजपुरी गाने पर डांस करते दिखाई दिए थे। उस समय उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने मामले पर नाराजगी जताते हुए सीएमओ से जांच रिपोर्ट मांगी थी। हालांकि उस मामले में केवल चेतावनी देकर मामला शांत कर दिया गया था।
ताजा मामले पर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस राम ने कहा कि यह कृत्य बेहद शर्मनाक है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और वीडियो में दिखाई दे रहे सभी कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

