वाराणसी : 4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकते व्यापारी, जमाखोरी मिली तो होगी कार्रवाई, मूल्य निगरानी के लिए प्रकोष्ठ गठित
वाराणसी। जिले में चीनी और उससे संबंधित उत्पादों की उपलब्धता और आपूर्ति पर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए व्यापारियों के भंडारण की सीमा निर्धारित कर दी गई है। अब जिले के व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों पर चार हजार क्विंटल से अधिक चीनी का भंडारण नहीं कर सकेंगे। निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का भंडारण मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी आपूर्ति अमित कुमार मालवीय के नेतृत्व में बुधवार को जिला खाद्य विपणन अधिकारी अविनाश झा ने व्यापारियों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में चीनी की उपलब्धता, आपूर्ति और भंडारण की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में किसी भी व्यापारी को 4000 क्विंटल से अधिक चीनी का भंडारण 30 दिन से अधिक अवधि तक करने की अनुमति नहीं होगी।
अधिकारियों ने व्यापारियों को निर्देश दिया कि वे चीनी की किसी भी प्रकार से जमाखोरी न करें। यदि किसी व्यापारी के पास निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक है तो उसे शासन के निर्देशों के अनुसार निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करना होगा। स्टॉक की स्थिति की नियमित समीक्षा भी की जाएगी। हर शुक्रवार को इसकी समीक्षा किए जाने की व्यवस्था की गई है।
मूल्य निगरानी प्रकोष्ठ गठित
चीनी की कीमत और उपलब्धता पर नजर रखने के लिए जिले में मूल्य निगरानी प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। यह प्रकोष्ठ बाजार में चीनी के मूल्य, स्टॉक और आपूर्ति की निगरानी करेगा। अधिकारियों के अनुसार यदि किसी व्यापारी को चीनी की उपलब्धता या आपूर्ति से संबंधित कोई समस्या आती है तो वह संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकता है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी अविनाश झा ने बताया कि प्रशासन की ओर से चीनी की उपलब्धता और आपूर्ति की लगातार निगरानी की जा रही है। व्यापारियों से शासन के निर्देशों का पालन करने और निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का भंडारण नहीं करने को कहा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाजार में कमी पैदा करने अथवा जमाखोरी की शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

