वाराणसी : निरीक्षण के दौरान बंद मिला शौचालय, मेयर ने 5000 जुर्माना लगाने का दिया निर्देश
वाराणसी। नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे सप्ताहव्यापी महा-अभियान के दूसरे दिन शुक्रवार को शहर में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए सख्ती दिखाई गई। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने मैदागिन स्थित कोतवाली क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और विभिन्न स्थानों पर फैली गंदगी, जलजमाव तथा अतिक्रमण को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान पराड़कर भवन के पीछे नवनिर्मित सार्वजनिक शौचालय बंद पाया गया। इस पर महापौर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित जिम्मेदारों पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता की सुविधा के लिए बनाए गए संसाधन बंद मिलना गंभीर लापरवाही है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इसके अलावा मैदागिन चौराहे पर संकटहरण महादेव मंदिर के सामने जलजमाव की समस्या को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। महापौर ने कोतवाली चौकी के बगल में टाउनहॉल बाउंड्री से सटी सड़क को चौड़ा करने की आवश्यकता भी जताई, ताकि यातायात सुगम हो सके।

अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज के सामने नाली पर हो रहे अतिक्रमण और नाली जाम की स्थिति पर भी उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर ही अतिक्रमण हटवाने और नाली की सफाई कराने के निर्देश दिए। साथ ही कॉलेज के पास स्थित एक भवन को लेकर अनियमितताओं की शिकायत पर तत्काल नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
महापौर ने गोदौलिया से चौक रोड तक नालों और गलियों की सफाई व मरम्मत के निर्देश दिए। इसके साथ ही बाबू नंदन चौरसिया की पान दुकान के सामने और पराड़कर भवन के पास नाली और सड़क की खराब स्थिति को जल्द सुधारने को कहा गया। काल भैरव मंदिर के पास सीवर चेंबर में जमी सिल्ट को साफ कराने के निर्देश भी दिए गए।
टाउन हॉल के पीछे दुकानदारों द्वारा रेलिंग लगाकर किए जा रहे अवैध कब्जे को लेकर भी महापौर ने सख्ती दिखाई और तत्काल इसे हटाने के आदेश दिए। उन्होंने साफ कहा कि सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में साफ-सफाई, जल निकासी और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

