वाराणसी को मिलेंगी 250 नई इलेक्ट्रिक बसें, योगी कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव को मिली मंजूरी

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  • काशी में शहरी परिवहन व्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार, यात्रियों के लिए सफर होगा और सुविधाजनक
  • नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने दी जानकारी, प्रदेश के विभिन्न शहरों में 1725 नई ई-बसें चलाने का प्रस्ताव
  • लखनऊ और कानपुर को 300-300, जबकि वाराणसी को 250 ई-बसें देने की योजना

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में वाराणसी के लिए 250 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रस्ताव रखा गया है। इन बसों के संचालन से शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में सहूलियत होगी। नई ई-बसों से काशी में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।

वाराणसी को मिलेंगी 250 ई-बसें, शहरी परिवहन को मिलेगी मजबूती
वाराणसी में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए 250 नई इलेक्ट्रिक बसों का प्रस्ताव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन बसों के संचालन से शहर के विभिन्न इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा का विस्तार होने की उम्मीद है। साथ ही निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और प्रदूषण नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, बसों के रूट और संचालन की समयसीमा को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

लोक भवन में नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने दी जानकारी
लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में कुल 1725 नई इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।

लखनऊ-कानपुर को 300-300, वाराणसी को 250 बसें
नगर विकास मंत्री की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार लखनऊ और कानपुर में 300-300, वाराणसी में 250 तथा गोरखपुर में 150 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार आगरा, गाजियाबाद, मेरठ और नोएडा-जेवर में 100-100 बसें प्रस्तावित हैं।

इसके अतिरिक्त मथुरा-वृंदावन, अयोध्या और प्रयागराज में 50-50 बसें चलाने की योजना है। वहीं अलीगढ़, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर और झांसी में 25-25 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रस्ताव रखा गया है।

इलेक्ट्रिक बसों से प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद
प्रदेश सरकार की इस पहल से शहरी परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है। विशेष रूप से वाराणसी जैसे धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले शहर में इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार यात्रियों के लिए सुविधाजनक साबित हो सकता है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता घटने के साथ ही वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिलेगी।

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