वाराणसी को जल्द मिलेंगी 250 नई इलेक्ट्रिक बसें, शहर से गांव तक बढ़ेगी सार्वजनिक परिवहन की सुविधा

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नई 250 बसों के बेड़े में शामिल होने के बाद वाराणसी में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर करीब 300 हो जाएगी

बसों के मेंटेनेंस और चार्जिंग की सुविधा के लिए दो स्थानों पर 5-5 एकड़ की ज़मीन भी चिन्हित 

3 से 5 मिनट के अंतराल में बस होगी उपलब्ध, यात्रियों का बस के लिए  इंतज़ार होगा ख़त्म 

नई बस एक बार चार्जिंग के बाद पहले से दोगुनी दूरी करेगी  तय 

सुरक्षा के लिए पैनिक बटन,सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस से लैस होंगी सभी बसें 

बसों की आपातकालीन चार्जिंग के लिए सारनाथ,परेड कोठी और मड़वा में भी चार्जिंग की सुविधा रहेगी  उपलब्ध 

 
वाराणसी।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के लोकार्पण, बेहतर कनेक्टिविटी,मज़बूत कानून व्यवस्था और काशी की मूलभूत सुविधाओं के कायाकल्प के बाद वाराणसी में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और जरूरतों को देखते हुए योगी सरकार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने पर जोर दे रही है। वाराणसी को जल्द ही 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलने वाली है। बसों के मेंटेनेंस और चार्जिंग की सुविधा के लिए दो स्थानों पर 5-5 एकड़ की ज़मीन भी चिन्हित की गई है।  

 

3 से 5 मिनट के अंतराल में बस उपलब्ध होगी

 क्षेत्रीय प्रबंधक ,वाराणसी परशुराम पांडेय ने बताया कि वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के बेड़े में शामिल होने वाली 250 नई इलेक्ट्रिक बसों में 150 बसें 28 सीटर और 100 बसें 38 सीटर होंगी। वर्तमान में 28 सीटर 50 इलेक्ट्रिक बसें वाराणसी में संचालित हो रही हैं, नई 250 बसों के बेड़े में शामिल होने के बाद वाराणसी में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर करीब 300 हो जाएगी। बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों का बसों का  इंतज़ार ख़त्म हो जायेगा। सभी बसों के संचालन के बाद अलग-अलग रूटों पर यात्रियों को लगभग हर 3 से 5 मिनट के अंतराल में बस उपलब्ध होगी।


नई बस एक बार चार्जिंग के बाद पहले से दोगुनी दूरी तय करेगी 

 क्षेत्रीय प्रबंधक ने जानकारी  दिया कि नई इलेक्ट्रिक बसों की खासियत उनकी लंबी दूरी तय करने की क्षमता होगी। एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद नई बसें करीब 250 किलोमीटर तक चल सकेंगी। इसके मुकाबले वर्तमान में संचालित इलेक्ट्रिक बसें एक बार चार्ज होने पर लगभग 115 किलोमीटर तक चलती हैं। इससे इलेक्ट्रिक बसों को शहर के साथ-साथ लंबी दूरी और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े रूटों पर भी संचालित करने में मदद मिलेगी।

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चार्जिंग और मेंटनेंस के लिए 5 -5 एकड़ ज़मीन 

वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड के एआरएम ए.के. सिंह ने बताया कि नई बसों के संचालन के लिए कड़सड़ा और वीरापट्टी में पांच-पांच एकड़ ज़मीन नगर विकास विभाग को हस्तांतरित हो चुकी है,इस स्थान पर चार्जिंग स्टेशन और वर्कशॉप विकसित किए जाएंगे। वहीं, बसों की आपातकालीन चार्जिंग के लिए सारनाथ, परेड कोठी और मड़वा में भी चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। 

सुरक्षा के लिए पैनिक बटन,सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस से लैस होंगी सभी बसें  
इलेक्ट्रिक बसें यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिहाज से भी पहले की ई- बसों की तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी। सभी बसें वातानुकूलित होंगी तथा इनमें पैनिक बटन,सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस की सुविधा उपलब्ध रहेगी। नई बसों के संचालन से यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का अधिक आरामदायक और सुरक्षित विकल्प मिलेगा। 

उन्होंने बताया कि 250 इलेक्ट्रिक बसों के प्रस्ताव को कैबिनेट से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है,नियमानुसार आगे की प्रक्रिया जारी है। नई बसों के बेड़े में शामिल होने से वाराणसी में सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क और मजबूत होगा। शहर से लेकर गांव तक लोगों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलने के साथ ही निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

योगी सरकार वाराणसी में सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल बनाने के साथ यात्रियों के सफर को सुगम और आरामदायक बनाने पर भी जोर दे रही है। शहरी यातायात को रफ्तार देने के लिए रोपवे का निर्माण पहले से चल रहा है। वहीं, इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े का विस्तार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से डीजल आधारित वाहनों की तुलना में प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है। इससे यात्रियों को आधुनिक परिवहन सुविधा मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। योगी सरकार विकास के साथ-साथ ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती से निपटने और पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण सहित विभिन्न उपायों पर जोर दे रही है। वाराणसी में इलेक्ट्रिक बसों का बढ़ता बेड़ा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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