वाराणसी : मछुआ समाज के उत्थान को सरकार प्रतिबद्ध, मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने गिनाई उपलब्धियां
वाराणसी। प्रदेश के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने गुरुवार को सर्किट हाउस सभागार में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मछुआ समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में प्रदेश में कई कल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं।
मंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अब तक एक लाख से अधिक मछुआरों को सब्सिडी देकर स्वरोजगार से जोड़ा जा चुका है। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिला है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा मछुआ समुदाय के लिए कई अन्य योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं, जिनमें प्रधानमंत्री मछुआ दुर्घटना बीमा योजना, मत्स्य पालन हेतु किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट योजना और माता सुकेता केज कल्चर योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से मछुआरों को शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, दैवीय आपदा और विवाह जैसी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
डॉ. संजय निषाद ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत जनपद चंदौली में एशिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड मछली मंडी स्थापित की गई है, जिससे क्षेत्रीय मछुआरों को बाजार और बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मछुआ समाज को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे विकास की मुख्यधारा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।

