वाराणसी : 6.90 करोड़ रुपये के गबन मामले में निलंबित लेखाकार बर्खास्त, बिजली विभाग में मचा हड़कंप
वाराणसी। बिजली निगम मुख्यालय में करोड़ों रुपये के गबन के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रबंधन ने निलंबित लेखाकार केशवेंद्र द्विवेदी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। लगभग 6.90 करोड़ रुपये के गबन के आरोपों की विभागीय जांच में पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई। इस निर्णय से निगम के कर्मचारियों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है।
संबंधित लेखाकार को पहले वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में निलंबित किया गया था। विभागीय जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर प्रबंधन ने 16 जून को उसे सेवा से निष्कासित करने का आदेश जारी कर दिया। बताया जा रहा है कि गबन की राशि में से निगम के खाते में 3.13 करोड़ रुपये वापस जमा करा दिए गए हैं, जबकि शेष 3.76 करोड़ रुपये की वसूली के आदेश जारी कर मामले को आगे बढ़ाया गया है।
जांच में सामने आया कि लेखाकार ने विभागीय अभिलेखों और वित्तीय दस्तावेजों में हेरफेर कर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कर और कूटरचित तरीके से वित्तीय धनराशि का गबन किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने पहले उसे 27 मई 2024 को निलंबित किया था और विस्तृत जांच शुरू कराई थी।
जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद निगम प्रशासन ने कठोर रुख अपनाते हुए सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

