वाराणसी : चूल्हे की चिंगारी बनी तबाही, अदमापुर में कच्चा मकान जला, हजारों का नुकसान
वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के अदमापुर गांव में बुधवार देर रात चूल्हे की चिंगारी से लगी आग ने तीन भाइयों के संयुक्त कच्चे मकान जल गए। घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर के बाहर सो रहे थे, जिससे बड़ी जनहानि टल गई, लेकिन गृहस्थी का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया।
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी राजनंदन सोनकर, मुन्ना लाल सोनकर और रजिंदर सोनकर का एक संयुक्त कच्चा मकान था। बुधवार रात खाना खाने के बाद सभी सदस्य बाहर तख्त और चारपाइयों पर सो गए थे। देर रात करीब 11 बजे अचानक मकान से आग की तेज लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।
आग की लपटें देख परिजन घबराकर जाग उठे और शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने समर्सिबल पंप चलाकर और बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। फायर ब्रिगेड को सूचना देने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक पूरा मकान जलकर खाक हो चुका था।
सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सब कुछ समाप्त हो चुका था। पीड़ित राजनंदन सोनकर ने बताया कि आग में घर में रखा गेहूं, चावल, कपड़े, बर्तन, जूस बनाने की तीन मशीनें, पशुओं का चारा (भूंसा) और करीब 15 हजार रुपये नगद समेत पूरी गृहस्थी जल गई।
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि खाना बनाने के बाद चूल्हे में बची चिंगारी धीरे-धीरे सुलगकर आग का रूप ले बैठी। गनीमत रही कि घर के अंदर रखा छोटा गैस सिलेंडर खाली था, जबकि भरा सिलेंडर दरवाजे के पास रखा था, जो फटा नहीं। ग्रामीणों ने समय रहते बालू डालकर सिलेंडर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

