वाराणसी : मंत्री रवींद्र जायसवाल के बयान से सपाइयों में आक्रोश, जिला मुख्यालय पर किया प्रदर्शन, राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन भेजकर बर्खास्तगी की उठाई मांग

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वाराणसी। समाजवादी पार्टी की वाराणसी महानगर इकाई ने उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री रवींद्र जायसवाल के कथित विवादित बयान को लेकर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी नेताओं जिला मुख्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया। वहीं राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए मंत्री को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। प्रदर्शन के मद्देनजर मुख्यालय पर भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी। 

सपा नेताओं का आरोप है कि राज्य मंत्री ने सार्वजनिक मंच से दिए गए अपने कथित बयान में ऐसी भाषा का प्रयोग किया, जो न केवल आपत्तिजनक और असंसदीय है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक गरिमा के भी विपरीत है। उनका कहना है कि एक संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति से मर्यादित और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है, लेकिन मंत्री का बयान इस कसौटी पर खरा नहीं उतरता।

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ज्ञापन में कहा गया कि मंत्री के कथित बयान से प्रदेश की राजनीति का स्तर प्रभावित हुआ है और समाज में गलत संदेश गया है। सपा का दावा है कि इस तरह की बयानबाजी से आम नागरिकों की भावनाएं आहत हुई हैं तथा लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा को ठेस पहुंची है। पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से मंत्री के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

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सपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि यदि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के ऐसे बयानों पर कार्रवाई नहीं होती है तो इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

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पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि यदि सरकार मंत्री के खिलाफ उचित कार्रवाई करने में विफल रहती है तो समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन शुरू करने पर विचार करेगी। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की भाषा और आचरण दोनों मर्यादित होने चाहिए। राज्यपाल के नाम भेजे गए इस ज्ञापन पर समाजवादी पार्टी के जिला एवं महानगर इकाई के पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं तथा कई कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर हैं। यह ज्ञापन 9 जुलाई 2026 को राज्यपाल के नाम प्रेषित किया गया।

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