वाराणसी : गंगा का जलस्तर घटने के बाद घाटों पर सिल्ट और कीचड़, बढ़ी परेशानी, त्योहारों से पहले सफाई की मांग 

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वाराणसी। गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है, लेकिन काशी के घाटों की स्थिति अभी सामान्य नहीं हो सकी है। जलस्तर कम होने के बावजूद करीब 84 घाटों का आपसी संपर्क अब भी प्रभावित है। पानी उतरने के साथ घाटों की सीढ़ियों और संपर्क मार्गों पर मिट्टी, गाद और सिल्ट की मोटी परत जम गई है। गीली मिट्टी और कीचड़ के कारण सफाई कार्य में भी नगर निगम को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने त्योहारों से पहले घाटों पर युद्धस्तर पर सफाई कराने की मांग की है।

सीढ़ियां दिखीं, लेकिन रास्ते अब भी मुश्किल
जलस्तर कम होने के साथ घाटों की सीढ़ियां धीरे-धीरे दिखाई देने लगी हैं, लेकिन उन पर जमी गाद और मिट्टी के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही आसान नहीं हुई है। कई स्थानों पर गीली मिट्टी के कारण पैदल चलना भी मुश्किल है। इससे लोगों के फिसलने का खतरा बना हुआ है।

स्थानीय लोगों के अनुसार जलस्तर बढ़ने के दौरान लंबे समय तक घाटों की सीढ़ियां पानी में डूबी रहीं। पानी के साथ बहकर आई मिट्टी और सिल्ट अब सीढ़ियों, संपर्क मार्गों और आसपास के हिस्सों में जम गई है। पानी उतरने के बाद यही गाद सफाई व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

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पंप लगाकर तेज हो सफाई
घाटों पर रहने वाले लोगों का कहना है कि अब प्राथमिकता के आधार पर सिल्ट और कीचड़ हटाने की जरूरत है। नगर निगम को अधिक संख्या में पंप लगाकर घाटों से पानी निकालने के साथ गीली मिट्टी हटाने का काम तेज करना चाहिए। इसके बाद सीढ़ियों की धुलाई और सफाई कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम हो सके।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई स्थानों पर गीली मिट्टी के कारण सफाई उपकरण और वाहन पहुंचाने में भी दिक्कत हो रही है। ऐसे में जहां मशीनों का इस्तेमाल संभव नहीं है, वहां अतिरिक्त श्रमिकों और छोटे उपकरणों की मदद से सिल्ट हटाने का अभियान चलाया जाना चाहिए।


त्योहारों से पहले व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
काशी में अब त्योहारों और धार्मिक आयोजनों का दौर शुरू होने वाला है। आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक गंगा घाटों पर पहुंचेंगे। सामान्य दिनों में भी घाटों पर काफी भीड़ रहती है, जबकि पर्वों के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में समय रहते सफाई नहीं हुई तो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

स्थानीय लोगों ने नगर निगम से सभी प्रमुख घाटों के साथ संपर्क प्रभावित घाटों का सर्वे कराने और अधिक सिल्ट वाले स्थानों पर अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती की मांग की है। लोगों का कहना है कि गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही सफाई अभियान तेज किया जाए, ताकि त्योहारों तक घाटों को काफी हद तक सामान्य स्थिति में लाया जा सके।

नागरिकों के मुताबिक सिल्ट सूखने के बाद धूल और गंदगी की समस्या और बढ़ सकती है। इसलिए पानी और कीचड़ हटाने के साथ सीढ़ियों की धुलाई भी जरूरी है। अब घाटों को फिर से साफ-सुथरा और सुरक्षित बनाने के लिए नगर निगम की प्रभावी कार्रवाई का इंतजार है।

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